बेतिया, 29 जनवरी। बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व क्षेत्र के गोवर्धना गांव के समीप एक जंगली भालू ने एक बुजुर्ग पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
बताया जा रहा है कि गोवर्धना गांव के सुखल महतो गुरुवार को गांव के ही समीप पश्चिम सिंगही नदी के पास शौच के लिए गए थे, तभी झाड़ी में छिपे एक जंगली भालू ने उन पर अचानक हमला बोल दिया। घटनास्थल के आसपास मौजूद ग्रामीणों और वनकर्मियों के हो-हल्ला करने पर हमलावर भालू बुजुर्ग को छोड़कर जंगल की तरफ भाग गया।
इस घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से आनन-फानन में वनकर्मी विभागीय एंबुलेंस से जख्मी को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रामनगर ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद गंभीर स्थिति देखते हुए इन्हें रेफर कर दिया गया।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. डीएस आर्या ने बताया कि गोवर्धना गांव निवासी स्वर्गीय बसंत महतो के जख्मी पुत्र सुखल महतो (75) के दाहिने हाथ में भालू के काटने के कारण गंभीर जख्म है। प्राथमिक उपचार के बाद जख्मी को बेहतर इलाज के लिए जीएमसीएच रेफर कर दिया गया है।
घटना के संबंध में वनरक्षी मनीष कुमार शर्मा ने बताया कि जंगल के समीप प्रवाहित सिंगही नदी के किनारे झाड़ियों में छुपे भालू ने बुजुर्ग पर हमला बोलकर दाहिने हाथ में काटकर जख्मी कर डाला। संयोगवश घटना के समय आसपास ग्रामीण और वनकर्मी मौजूद थे, जिनके शोर मचाने पर भालू भाग गया।
गोवर्धना वन क्षेत्र पदाधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि इलाज के लिए जख्मी के साथ वन रक्षक को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि घटना की जांच कर नियम के अनुकूल घायल बुजुर्ग को उचित मुआवजा दिया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से निकलकर जंगली जानवरों के हमले से क्षेत्र के लोग दहशत में जीने को मजबूर हैं। वन विभाग इस दिशा में कार्रवाई को लेकर गंभीर नहीं है, जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है।