'मियां' टिप्पणी पर बिफरे मौलाना साजिद रशीदी, हिमंता सरमा को बताया असंवैधानिक, कुर्सी छोड़ने की मांग

असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की 'मियां' टिप्पणी पर मौलाना साजिद रशीदी ने आपत्ति जताई


नई दिल्ली, 29 जनवरी। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के 'मियां' वाली टिप्पणी पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का बयान गैर-संवैधानिक है। इसलिए उन्हें कुर्सी पर बैठने का अधिकार नहीं है।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए साजिद रशीदी ने कहा, "हिमंता बिस्वा सरमा एक विवादित नाम और मुख्यमंत्री हैं, जो अक्सर गैर-संवैधानिक बयान देते हैं। देश का संविधान धर्मनिरपेक्ष है और यह अनिवार्य करता है कि कोई भी मुख्यमंत्री या मंत्री किसी के प्रति बिना किसी भेदभाव के काम करने की शपथ ले। लेकिन ये खुलेआम कह रहे हैं कि अगर कोई मुस्लिम रिक्शेवाला हो तो पांच रुपए की जगह चार रुपए दो। उन्हें आर्थिक तौर पर कमजोर करो।"

साजिद रशीदी ने आगे कहा, "यह मुख्यमंत्री के बयान नहीं हैं, बल्कि उस व्यक्ति के बयान हैं, जिनके दिमाग में इस्लामोफोबिया बैठ चुका है।" उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के लिए पूरी प्रजा और जनता एक होनी चाहिए। मैं चाहता हूं कि जो व्यक्ति नफरत फैलाता है, उसे कुर्सी पर बैठने का अधिकार नहीं है। राष्ट्रपति को चाहिए कि ऐसे व्यक्ति को पद से हटाएं और वहां राष्ट्रपति शासन लगाएं।

उन्होंने यह भी कहा कि यह तय है कि अगली बार राज्य में इनकी सरकार नहीं आएगी। अगर मुख्यमंत्री के अंदर भी कोई नैतिकता है तो उन्हें खुद इस्तीफा दे देना चाहिए।

कांग्रेस पार्टी ने भी हिमंता बिस्वा सरमा के बयान का विरोध किया है। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा, "हिमंता बिस्वा सरमा संविधान की शपथ लेकर संविधान की धज्जियां उड़ा रहे हैं और देश में नफरत के बीज बो रहे हैं। ये भाजपा-आरएसएस की नफरती सोच है। ये बयान न सिर्फ बेहुदा है, बल्कि बाबा साहेब के संविधान और हमारी गंगा-जमुनी तहजीब पर सीधा हमला है, जिसने हर भारतीय को समानता का हक दिया है। हिमंता बिस्वा सरमा की इस शर्मनाक करतूत के लिए भाजपा को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।"
 

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