पटना, 29 जनवरी। बिहार सरकार पुलिस विभाग को अत्याधुनिक बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इस बीच, सरकार ने 172 करोड़ रुपए की लागत से ईआरएसएस और राज्य पुलिस डाटा सेंटर भवन निर्माण को स्वीकृति प्रदान की है। माना जा रहा है कि आधुनिक भवनों से पुलिस एवं आपातकालीन सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को कहा कि पटना जिले के राजीव नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस) एवं राज्य पुलिस डाटा सेंटर के स्थायी भवन के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है। भवन के निर्माण पर 172 करोड़ 80 लाख रुपए की अनुमानित लागत आएगी। इस राशि से फर्नीचर एवं आधारभूत संरचना सहित पुलिस भवन का निर्माण कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मजबूत और आधुनिक पुलिस भवन न केवल प्रशासनिक कार्यों को सुचारु बनाएंगे, बल्कि पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण भी उपलब्ध कराएंगे। इससे कानून व्यवस्था के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।
बता दें कि आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली यानी ईआरएसएस एक देशव्यापी एकल आपातकालीन नंबर 112 पर आधारित व्यवस्था है, जो किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए बनाई गई है। इसके तहत एक विशेष आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र स्थापित किया गया है, जहां आपातकालीन कॉल और संदेशों को संभाला जाता है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले पटना जिलान्तर्गत पुलिस ऑफिसर्स मेस (आईपीएस मेस) के नए भवन के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई थी। चौधरी ने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के लिए आधुनिक, सुरक्षित और सुविधायुक्त आधारभूत संरचना विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
हाल में ही पूर्वी चम्पारण में पुलिस अधीक्षक के नए कार्यालय भवन, रोहतास के डिहरी पुलिस केन्द्र में रक्षित कार्यालय एवं शस्त्रागार भवन तथा लखीसराय पुलिस केन्द्र में महिला पुलिस कर्मियों के लिए 200 बेड क्षमता वाले आधुनिक बैरक के निर्माण को मंजूरी दी गई है।