नई दिल्ली, 28 जनवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर इंडिया एनर्जी वीक (आईईडब्ल्यू) 2026 के दौरान ग्लोबल एनर्जी सेक्टर के प्रमुख सीईओ के साथ उच्च-स्तरीय राउंडटेबल बैठक की। इस बैठक में दुनिया की प्रमुख एनर्जी कंपनियों के 27 सीईओ और सीनियर अधिकारी शामिल हुए। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, राज्य मंत्री सुरेश गोपी और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
बातचीत के दौरान सीईओ ने भारत की आर्थिक विकास यात्रा पर गहरा भरोसा जताया। उन्होंने नीति स्थिरता, सुधारों की गति और लंबी अवधि की ऊर्जा मांग को देखते हुए भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाने और गहराई देने में गहरी रुचि दिखाई। प्रधानमंत्री ने इन राउंडटेबल को इंडस्ट्री और सरकार के बीच बेहतर तालमेल का प्रमुख मंच बताया। उन्होंने कहा कि ग्लोबल लीडर्स से सीधा फीडबैक नीति फ्रेमवर्क को मजबूत करने, चुनौतियों का समाधान करने और भारत को निवेश के लिए और आकर्षक बनाने में सहायक होता है।
प्रधानमंत्री ने भारत की मजबूत आर्थिक गति पर जोर देते हुए कहा कि देश तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। भारत ग्लोबल एनर्जी डिमांड-सप्लाई बैलेंस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने एनर्जी सेक्टर में बड़े निवेश के अवसरों की चर्चा की। सरकार द्वारा लाए गए निवेशक-अनुकूल नीति सुधारों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन में लगभग 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की संभावना पर बल दिया। इसके अलावा कंप्रेस्ड बायो-गैस (सीबीजी) क्षेत्र में 30 बिलियन डॉलर के अवसरों का भी जिक्र किया।
पीएम मोदी ने गैस-आधारित अर्थव्यवस्था, रिफाइनरी-पेट्रोकेमिकल इंटीग्रेशन, समुद्री और जहाज निर्माण सहित पूरी एनर्जी वैल्यू चेन में बड़े पैमाने पर निवेश और विकास के अवसरों की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि वैश्विक एनर्जी परिदृश्य अनिश्चितताओं से भरा है, लेकिन यह अपार अवसर भी प्रदान करता है। प्रधानमंत्री ने इनोवेशन, सहयोग और गहरी साझेदारी का आह्वान किया। उन्होंने दोहराया कि भारत पूरी एनर्जी वैल्यू चेन में एक विश्वसनीय, भरोसेमंद और लंबे समय तक साथ देने वाला पार्टनर बनने के लिए तैयार है।
यह बैठक इंडिया एनर्जी वीक 2026 का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो भारत को ग्लोबल एनर्जी ट्रांजिशन में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार कर रही है। सीईओ ने भारत की नीतियों, बाजार की क्षमता और भविष्य की मांग को देखते हुए निवेश बढ़ाने की इच्छा जाहिर की। प्रधानमंत्री का यह संदेश स्पष्ट था कि भारत न केवल ऊर्जा की मांग पूरी करने वाला देश बनेगा, बल्कि ग्लोबल एनर्जी सिक्योरिटी और सस्टेनेबल विकास में योगदान देने वाला प्रमुख खिलाड़ी भी बनेगा।