विशाखापत्तनम, 28 जनवरी। भारत ने न्यूजीलैंड के विरुद्ध एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए टी-20 सीरीज के चौथे मुकाबले को 50 रन से गंवाया। कप्तान ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि उनका मकसद ऐसे खिलाड़ियों को मौका देना था, जो टी-20 विश्व कप टीम में शामिल हैं।
बुधवार को खेले गए इस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने डेवोन कॉन्वे (44) और टिम सीफर्ट (62) के बीच शतकीय पारी की मदद से 7 विकेट खोकर 215 रन बनाए। इसके जवाब में टीम इंडिया 18.4 ओवरों में महज 165 रन पर सिमट गई।
इस टी20 सीरीज में पहली हार के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा, "हम इस मुकाबले में जानबूझकर सिर्फ छह बल्लेबाजों के साथ खेले। हमारा मकसद यह था कि हमारे पास पांच मजबूत गेंदबाज हों और हम खुद को परख सकें। जैसे मान लीजिए अगर 180 या 200 रन का पीछा करना हो और दो-तीन विकेट जल्दी गिर जाएं, तो टीम कैसे खेलेगी, हम यही देखना चाहते थे।"
कप्तान ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि उनका मकसद ऐसे खिलाड़ियों को मौका देना था, जो टी20 वर्ल्ड कप 2026 का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, "हम सभी उन खिलाड़ियों को मौका देना चाहते थे जो वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा हैं। नहीं तो हम दूसरे खिलाड़ियों को भी खिला सकते थे।"
सूर्या ने टॉस जीतकर फील्डिंग का फैसला किया था, लेकिन यह निर्णय टीम इंडिया पर भारी पड़ा। कप्तान ने कहा, हमने दूसरी पारी में बल्लेबाजी इसलिए चुनी क्योंकि हम पहले बल्लेबाजी करते हुए अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। मैं चाहता था कि खिलाड़ी दबाव में रन चेज करना सीखें, ऐसी स्थिति में जहां लक्ष्य बड़ा हो और विकेट गिर जाएं। यह हमारे लिए एक अच्छी चुनौती थी, जिससे हमने सीख भी ली।
उन्होंने कहा, ''यहां ओस काफी ज्यादा थी। अगर बीच में एक-दो अच्छी साझेदारियां बन जातीं, जैसे दुबे ने बल्लेबाजी की, अगर उनके साथ एक और बल्लेबाज टिक जाता, तो मैच का नतीजा अलग हो सकता था। हम लगभग 50 रन से हारे, लेकिन ऐसे रन-चेज में एक-दो साझेदारियां बड़ा फर्क डाल सकती हैं।"