आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को गुजरात सरकार की बड़ी राहत, अब राशन ढोने का खर्च खुद उठाएगी सरकार

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के राशन परिवहन का खर्च उठाएगी गुजरात सरकार


अहमदाबाद, 28 जनवरी। गुजरात सरकार ने राज्यभर की हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बड़ी राहत देते हुए एक लंबे समय से लंबित मांग को स्वीकार कर लिया है।

सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों तक खाद्यान्न और राशन के परिवहन की लागत स्वयं वहन करने का निर्णय लिया है। अब तक बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाला अनाज उचित मूल्य की दुकानों से आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ताओं को अपनी जेब से खर्च करना पड़ता था, जिससे उनके सीमित मानदेय पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा था।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अक्सर टेम्पो या अन्य वाहनों को किराए पर लेना पड़ता था, खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में, जहां परिवहन की लागत अपेक्षाकृत अधिक होती है। इस मुद्दे को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के विभिन्न संगठनों ने कई बार सरकार का ध्यान आकर्षित किया था और इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए समाधान की मांग की थी।

राज्य सरकार के नवीनतम फैसले के तहत अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राशन परिवहन खर्च की भरपाई के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। नई व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक कार्यकर्ता को प्रति माह 200 रुपए की सहायता मिलेगी, जिसकी वार्षिक सीमा 2,400 रुपए होगी। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा की जाएगी या किसी पारदर्शी और जवाबदेह तंत्र के माध्यम से वितरित की जाएगी।

सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को काम से जुड़े खर्चों के लिए अपनी आय से भुगतान न करना पड़े। इस निर्णय का राज्यभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया है और इसे लंबे समय से प्रतीक्षित राहत बताया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि भले ही राशि कम प्रतीत हो, लेकिन यह वर्षों से चले आ रहे आर्थिक अन्याय को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अधिकारियों के अनुसार, इस फैसले से न केवल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आर्थिक दबाव कम होगा, बल्कि आंगनबाड़ी केंद्रों के कामकाज में भी सुधार आएगा और वे अपनी जिम्मेदारियों को अधिक प्रभावी ढंग से निभा सकेंगी।
 

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