ईरान के करीब महाशक्तिशाली बेड़ा, ट्रंप का अल्टीमेटम: या बात करो या भुगतने को रहो तैयार

अमेरिकी नौसैनिक बेड़ा ईरान के करीब, ट्रंप ने दी बातचीत की चेतावनी


वॉशिंगटन, 28 जनवरी। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वह जल्द से जल्द बातचीत की दिशा में कदम बढ़ाए। यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका का एक बड़ा और शक्तिशाली नौसैनिक बेड़ा क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है, जिससे तेहरान पर दबाव और बढ़ गया है।

रेडियो स्टेशन डब्ल्यूएबीसी पर होस्ट सिड रोसेनबर्ग को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “हमारा एक बड़ा आर्माडा (नौसैनिक बेड़ा) इस समय वहां की ओर जा रहा है।” उन्होंने इसे “बेहद ताकतवर” बताते हुए कहा कि यह हाल ही में वेनेजुएला से जुड़े अमेरिकी सैन्य तैनाती से भी बड़ा है। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि सैन्य बल का इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा। ट्रंप ने कहा, “उम्मीद है कि हमें इसका इस्तेमाल नहीं करना होगा।”

इसके बाद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर भी चेतावनी को दोहराते हुए लिखा, “एक विशाल आर्माडा ईरान की ओर बढ़ रहा है। यह पूरी ताकत, उत्साह और उद्देश्य के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है।” उन्होंने कहा कि इस बेड़े का नेतृत्व विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन कर रहा है और यह वेनेजुएला भेजे गए बेड़े से कहीं बड़ा है।

ट्रंप ने कहा कि यह सैन्य बल “जरूरत पड़ने पर तेजी और निर्णायक कार्रवाई के साथ अपना मिशन पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।” उन्होंने ईरान से बातचीत की अपील करते हुए लिखा, “उम्मीद है कि ईरान जल्द ही बातचीत की मेज पर आएगा और एक निष्पक्ष व संतुलित समझौते पर सहमति बनेगी, जो सभी पक्षों के हित में हो।”

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “समय तेजी से निकल रहा है, यह बेहद अहम है।”

अगर बातचीत विफल रही तो गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देते हुए ट्रंप ने पहले की अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का जिक्र किया। उन्होंने लिखा, “मैंने पहले भी ईरान से कहा था कि समझौता करो! उन्होंने नहीं किया और ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ हुआ, जिसमें ईरान को भारी नुकसान पहुंचा। अगला हमला इससे कहीं ज्यादा खतरनाक होगा।”

रेडियो इंटरव्यू में ट्रंप ने इस सैन्य तैनाती को क्षेत्रीय सुरक्षा, खासकर इजरायल से जोड़ते हुए कहा कि ईरान लगातार इजरायल को धमकियां देता रहा है और अमेरिका के समर्थन से हालात को बिगड़ने से रोका गया है। उन्होंने हालिया घटनाओं का जिक्र किया, जिनके चलते इजरायल को अस्थायी रूप से अपना हवाई क्षेत्र बंद करना पड़ा था।

ट्रंप ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने बंधकों की वापसी सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा, “हम आखिरी बंधकों को वापस ले आए हैं। आज आखिरी मृतकों के शव भी वापस लाए गए।” ट्रंप ने इसे ऐसा काम बताया, जिसे पहले असंभव माना जा रहा था।

राष्ट्रपति ने ईरान को लेकर अपने कदम को व्यापक विदेश नीति रणनीति का हिस्सा बताया, जो सैन्य ताकत और सीधी बातचीत पर आधारित है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी शक्ति का इस्तेमाल युद्ध भड़काने के लिए नहीं, बल्कि उसे रोकने के लिए कर रहा है, हालांकि जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग का विकल्प खुला रहेगा।

ट्रंप ने ईरान संकट की तुलना यूक्रेन युद्ध सहित अन्य वैश्विक संघर्षों से भी की, जिसे उन्होंने एक बार फिर “खूनी युद्ध” बताया। उन्होंने कहा कि वह संघर्ष खत्म करना चाहते हैं और सीधे संवाद से समाधान संभव है।
 

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