केरल SIR: विपक्ष की मांग, EC की सॉफ्टवेयर गलती का खामियाजा 18 लाख वोटर क्यों भुगतें

केरल एसआईआर : विपक्ष के नेता ने 18 लाख वोटरों को भेजे गए नोटिस वापस लेने की मांग की


तिरुवनंतपुरम, 28 जनवरी। केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने बुधवार को लगभग 18 लाख वोटरों को जारी किए गए नोटिस तुरंत वापस लेने की मांग की, जिसमें उन्हें चुनावी लिस्ट के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तहत सुनवाई के लिए पेश होने को कहा गया था। उन्होंने चेतावनी दी कि इस प्रक्रिया से लोगों में बड़े पैमाने पर परेशानी हो रही है।

असेंबली मीडिया रूम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सतीसन ने कहा कि नामों और शुरुआती अक्षरों में मामूली अंतर के लिए 'लॉजिकल विसंगति' के नाम पर लोगों को परेशान किया जा रहा है, जिनमें से ज्यादातर गलतियां चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर की वजह से हुई हैं।

उन्होंने कहा, "सिस्टम की तकनीकी गलतियों के लिए नागरिकों को सजा नहीं मिलनी चाहिए," और जोर देकर कहा कि बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को वोटरों को बार-बार बुलाने के बजाय घरों पर जाकर गलतियों को ठीक करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बीएलओ ऐप के जरिए जारी किए गए नोटिस, जिनमें वोटरों को सुनवाई में शामिल होने के लिए कहा गया है, उन्हें पूरी तरह से वापस लिया जाना चाहिए, और कहा कि हालांकि चुनाव आयोग ने पहले ऐसे कदम उठाने का संकेत दिया था, लेकिन इसे जमीनी स्तर पर समान रूप से लागू नहीं किया जा रहा है।

विपक्ष के नेता ने फॉर्म 7 के कथित दुरुपयोग पर भी गंभीर चिंता जताई, जिसका इस्तेमाल वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए किया जाता है।

उन्होंने उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जो गलत जानकारी के साथ फॉर्म 7 जमा करते हैं और उन बीएलओ के खिलाफ भी जो बिना सही वेरिफिकेशन के ऐसे आवेदन स्वीकार करते हैं।

उन्होंने कहा, "किसी भी वोटर का नाम बिना बताए वोटर लिस्ट से नहीं हटाया जाना चाहिए," और आरोप लगाया कि उत्तरी केरल के जिलों में ऐसी डिलीशन अक्सर हो रही हैं।

सतीसन ने चेतावनी दी कि चूंकि एसआईआर अभ्यास असल में नागरिकता वेरिफिकेशन प्रक्रिया के बराबर है, इसलिए राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे संयम से काम लें। उन्होंने आरोप लगाया कि फॉर्म 7 का दुरुपयोग विरोधी राजनीतिक दलों से जुड़े वोटरों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।

विपक्ष के नेता ने प्रवासी वोटरों को प्रभावित करने वाली प्रक्रियात्मक कमियों पर भी ध्यान दिलाया और बताया कि चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अभी भी विदेश में पैदा हुए नागरिकों को फॉर्म 6ए आवेदन जमा करते समय अपने जन्म स्थान की जानकारी देने का विकल्प नहीं है।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे से लाखों प्रवासी प्रभावित हुए हैं और इस पर तत्काल हस्तक्षेप और समय सीमा बढ़ाने की जरूरत है।

सतीसन ने कहा कि सभी जिलों में जिला कलेक्टरों को शिकायतें भेजी गई हैं और कहा कि विपक्ष इन मुद्दों को तुरंत हल करने के लिए चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत की मांग करेगा।
 

Similar threads

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
1,541
Messages
1,573
Members
17
Latest member
RohitJain
Back
Top