नई दिल्ली, 28 जनवरी। महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे के बाद भारतीय वायुसेना ने तेजी से कार्रवाई करते हुए बारामती एयरपोर्ट पर एयर वॉरियर्स की एक समर्पित टीम तैनात की है। वायुसेना ने यह कदम स्थानीय नागरिक प्रशासन के अनुरोध पर उठाया है।
दरअसल, महाराष्ट्र के बारामती एयरपोर्ट पर हुए विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार का निधन हो गया। इस दुखद घटना से उनके समर्थकों में शोक की लहर है।
इस बीच भारतीय वायुसेना ने बुधवार को जारी अपने एक बयान में कहा कि वायुसेना की टीम दुर्घटना के बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षित हवाई संचालन सुनिश्चित करने के लिए पहुंच गई है। भारतीय वायुसेना की यह टीम यहां बुनियादी एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) और मौसम विज्ञान संबंधी सेवाएं प्रदान कर रही है।
वायुसेना के मुताबिक, यह त्वरित सहायता आपात परिस्थितियों में राष्ट्रीय सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जरूरत पड़ने पर नागरिक प्रशासन को आगे भी हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
उधर, अजित पवार के निधन की सूचना मिलते ही राजनीतिक दलों, समर्थकों और स्थानीय जनता में गहरा शोक व्याप्त है। राज्य सरकार ने आगे की औपचारिकताओं और अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रमों की तैयारी शुरू कर दी है।
विमान हादसे के कारणों की जांच संबंधित नागरिक उड्डयन एजेंसियों द्वारा की जा रही है। दरअसल, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का विमान बुधवार सुबह करीब पौने नौ बजे बारामती एयरपोर्ट के निकट हादसे का शिकार हो गया था। यह हादसा लैंडिंग के वक्त हुआ। विमान की क्रैश लैंडिंग के साथ तेज धमाका हुआ और विमान में आग लग गई। इस विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई है।
इस हादसे के बाद एयरपोर्ट को आवश्यक मदद पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना की टीम यहां पहुंची है। भारतीय वायुसेना के विशेषज्ञ एयर ट्रैफिक कंट्रोल में सहायता प्रदान कर रहे हैं जिससे कि विमान यात्रा का सुरक्षित संचालन हो सके।
इस हादसे के बाद अजीत पवार के परिवार एवं सरकार से जुड़े कई महत्वपूर्ण व्यक्ति बारामती एयरपोर्ट पर पहुंचे हैं। ऐसे में यहां विमानों और हेलीकॉप्टरों की आवाजाही बढ़ गई है। वायुसेना इस मौके पर जरूरी तकनीकी मदद मुहैया करा रही है। इस विमान हादसे की जांच का काम एजेंसी को सौंपा जा चुका है।
अजित पवार का अंतिम संस्कार बारामती जिले के काटेवाड़ी गांव में होने की संभावना है। ऐसे में एयरपोर्ट पर और अधिक व्यस्तता देखी जा सकती है। यही कारण है कि ऐसी स्थिति में वायुसेना द्वारा दिया जाने वाला यह सहयोग काफी महत्वपूर्ण हो जाता है।