नई दिल्ली, 28 जनवरी। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बुधवार को मोतीबाग के सर्वोदय कन्या विद्यालय में आयोजित एनईईईवी (न्यू एरा ऑफ एंटरप्रेन्योरियल इकोसिस्टम एंड विजन) जोनल लेवल इवेंट में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर अलग-अलग जोन से चयनित 46 छात्रों ने अपने इनोवेशन को पेश किया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि एनईईईवी के जरिए दिल्ली सरकार भविष्य के लिए तैयार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रही है।
मेगा एनईईईवी कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान के लिए नवाचार आधारित सोच विकसित करना और उन्हें उद्यमिता को करियर विकल्प के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
शिक्षा मंत्री के कार्यालय ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य दिल्ली सरकार के स्कूलों के विद्यार्थियों में नवाचार और उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा देना है। एनईईईवी पहल के अंतर्गत विद्यार्थियों की ओर से विकसित रचनात्मक विचारों और उद्यमशील परियोजनाओं का प्रदर्शन किया गया। यह मंच विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच, समस्या-समाधान क्षमता और आत्मनिर्भरता की भावना को सशक्त बनाता है।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने छात्रों को संबोधित करते हुए सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को उनके सराहनीय स्टार्टअप प्रयासों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार गुणवत्तापूर्ण, व्यावहारिक और भविष्य-उन्मुख शिक्षा को निरंतर बढ़ावा दे रही है। एनईईईवी कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि साल 2014 से पहले देश में गिने-चुने स्टार्टअप थे, जबकि आज भारत में 2 लाख से अधिक स्टार्टअप सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। इसी सोच के अनुरूप दिल्ली सरकार ने इस वर्ष एनईईईवी कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 10 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की है।
शिक्षा मंत्री के कार्यालय के अनुसार, करीब 1.5 लाख विद्यार्थियों ने दिल्ली सरकार के लगभग 1,000 स्कूलों में 30,000 से अधिक नवाचारी विचारों पर कार्य किया। प्रत्येक विद्यालय से लगभग 30 टीमों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। यह प्रक्रिया सिर्फ आइडिया प्रस्तुत करने तक सीमित नहीं थी, बल्कि रचनात्मक सोच, साहसिक कल्पना और आत्मविश्वास निर्माण की एक महत्वपूर्ण यात्रा थी।
उन्होंने आगे बताया कि इनमें से लगभग 5,000 टीमों को 20 हजार रुपए प्रति टीम की वित्तीय सहायता दी गई, जिससे कुल लगभग 10 करोड़ रुपए की राशि सीधे विद्यार्थियों के विचारों में निवेश की गई। यह सहायता इस उद्देश्य से नहीं दी गई कि हर विचार सफल हो, बल्कि बच्चों में यह विश्वास पैदा करने के लिए दी गई कि उनके विचार संभव हैं और सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
बयान में कहा गया कि यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दिल्ली सरकार की एक अनूठी पहल है, जिससे अब तक 5 लाख से अधिक विद्यार्थी जुड़ चुके हैं। विद्यार्थियों ने न सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग ही किया, बल्कि एआई-आधारित प्रोटोटाइप विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया है। एआई पर होने वाली चर्चाएं अब घरों और भोजन की मेज तक पहुंच चुकी हैं, जिससे बच्चों के आत्मविश्वास को नई उड़ान मिली है। अगला कदम इन नवाचारों का वैज्ञानिक सत्यापन है। इसके लिए प्रमुख तकनीकी संस्थानों की प्रयोगशालाओं के साथ सहयोग आवश्यक है, ताकि विद्यार्थी अपने विचारों को और अधिक सुदृढ़ और परिष्कृत कर सकें।
आशीष सूद ने कहा कि आज 17-18 वर्ष की आयु के ये विद्यार्थी ही वह ‘अमृत पीढ़ी’ हैं, जो वर्ष 2047 में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में नेतृत्व करेगी। हमारा उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि हर बच्चे के भीतर आत्मविश्वास और विश्वास की लौ प्रज्वलित करना है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि एनईईईवी कार्यक्रम दिल्ली सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसे 18 सितंबर 2025 को कक्षा 8 से 12 तक के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों में उद्यमिता शिक्षा को संस्थागत रूप देने के लिए प्रारंभ किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप है, जिसमें दक्षता-आधारित, बहु-विषयक और अनुभवात्मक अधिगम पर विशेष बल दिया गया है। एनईईईवी का उद्देश्य विद्यार्थियों को आवश्यक जीवन कौशल, उद्यमशील क्षमताएं और वास्तविक दुनिया का अनुभव प्रदान करना है।
उन्होंने बताया कि एनईईईवी कार्यक्रम एक सुव्यवस्थित एवं व्यापक इकोसिस्टम के माध्यम से लागू किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि कक्षा 8वीं-12वीं के लिए इन-क्लासरूम पाठ्यक्रम, एनईईईवी डायलॉग (संरचित स्पीकर इंटरैक्शन श्रृंखला), स्टार्टअप स्टॉर्मर्स (छात्र नवाचार व उद्यमिता प्रतियोगिता), विशेष कौशल-आधारित कार्यशालाएं, उद्योग और इनक्यूबेशन सेल भ्रमण के अलावा स्कूल, जोनल और जिला स्तर पर संरचित इनोवेशन काउंसिल्स जैसे घटक शामिल हैं।