आप नेता अंकुश नारंग बोले: MCD का बजट कागजी-हवाहवाई, दिल्ली के जनसरोकारों से कोसों दूर

दिल्‍ली में एमसीडी का बजट कागजी, जनसरोकारों से कोसों दूर: अंकुश नारंग


नई दिल्ली, 28 जनवरी। आम आदमी पार्टी (आप) नेता और एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने भाजपा शासित नगर निगम (एमसीडी) द्वारा पेश किए गए आगामी वित्तीय वर्ष के अनुमानित बजट को “कागजी, दिखावटी और हवाहवाई” करार दिया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट दिल्ली की जनता की बुनियादी जरूरतों और जनसरोकारों से पूरी तरह दूर है। इस बजट में प्रदूषण, सफाई, कूड़ा प्रबंधन, शिक्षा, स्वास्थ्य और सफाई कर्मचारियों के कल्याण को लेकर कोई ठोस विजन या कार्ययोजना नजर नहीं आती।

सिविक सेंटर स्थित एमसीडी मुख्यालय में बुधवार को स्थायी समिति की अध्यक्ष द्वारा वर्ष 2025-26 का संशोधित और 2026-27 का अनुमानित बजट पेश किया गया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अंकुश नारंग ने कहा कि बजट में कागजों पर तो विकास के दावे किए गए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि दिल्लीवासी आज भी गंदगी, वायु प्रदूषण और बदहाल नगर सेवाओं से जूझ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जनता को राहत देने वाला बजट आने की उम्मीद थी, लेकिन एक बार फिर दिल्लीवासियों को ठगा हुआ महसूस हो रहा है। नारंग ने आरोप लगाया कि एमसीडी सदन में जो प्रस्तुत किया गया, वह बजट कम और राजनीतिक भाषण ज्यादा था।

नारंग के मुताबिक, स्थायी समिति अध्यक्ष द्वारा पढ़ा गया भाषण भाजपा के दिल्ली प्रदेश कार्यालय में तैयार किया गया था, जिसके कारण पढ़ते समय कई जगह अटकाव और शब्दों की गलतियां देखने को मिलीं।

उन्होंने कहा कि बजट दस्तावेज के शुरुआती पन्नों में विपक्षी आम आदमी पार्टी पर हमले और बाद के पन्नों में केंद्र सरकार की उपलब्धियों का बखान था, जबकि बजट के वास्तविक आंकड़े और योजनाएं नदारद थीं।

तीन इंजन की सरकार का जिक्र करते हुए अंकुश नारंग ने कहा कि केंद्र, दिल्ली सरकार और एमसीडी तीनों में भाजपा की सरकार होने के बावजूद जनता की प्राथमिकताओं को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि उम्मीद थी कि साफ-सफाई, आवारा पशुओं के लिए शेल्टर होम, बागवानी विभाग में भर्तियां, सफाई कर्मचारियों को पक्का करने और नए कर्मियों की नियुक्ति जैसे मुद्दों पर ठोस घोषणाएं होंगी। साथ ही मुंडका और किराड़ी में बढ़ते कूड़े के पहाड़ों पर भी कोई स्पष्ट योजना सामने नहीं आई।

पार्षद फंड पर सवाल उठाते हुए नारंग ने कहा कि पिछले वर्ष घोषित फंड का बड़ा हिस्सा जारी ही नहीं किया गया। अब फंड बढ़ाने की बात कही जा रही है, लेकिन जमीनी अमल पर संदेह बना हुआ है।

उन्होंने आरोप लगाया कि एमसीडी की वास्तविक आय को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है, जबकि नगर निगम वर्षों से उस आय को हासिल करने में विफल रहा है। अंकुश नारंग ने कहा कि यह बजट वास्तविकता से दूर, काल्पनिक आंकड़ों पर आधारित है और इसमें जनता की समस्याओं का समाधान नजर नहीं आता।
 
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