रांची, 28 जनवरी। झारखंड उच्च न्यायालय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयानबाजी से जुड़े मामले में भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी के खिलाफ राज्य के कई थानों में दर्ज एफआईआर के आधार पर कार्रवाई पर लगाई गई अदालती रोक हटा ली है। यह आदेश झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने बाबूलाल मरांडी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया।
याचिका में रामगढ़, सिमडेगा, बरहेट और देवघर जिले के मधुपुर थाना सहित विभिन्न थानों में दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग की गई है। अदालत में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष ने मामले की तैयारी के लिए एक सप्ताह का समय मांगा, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
मामला अगस्त 2023 का है, जब एक निजी यूट्यूब चैनल पर बाबूलाल मरांडी का साक्षात्कार अपलोड किया गया था। आरोप है कि इस साक्षात्कार में उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं।
इसके बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकर्ताओं ने राज्य के विभिन्न जिलों के थानों में बाबूलाल मरांडी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसी क्रम में 25 अगस्त 2023 को सिमडेगा थाना में कांड संख्या 104/2023, बरहेट थाना में कांड संख्या 104/2023 तथा रामगढ़ थाना में कांड संख्या 196/2023 दर्ज की गई थी। इसके अलावा देवघर जिले के मधुपुर थाना में कांड संख्या 176/2023 दर्ज है।
इन सभी मामलों को रद्द करने के लिए बाबूलाल मरांडी ने उच्च न्यायालय का रुख किया था। उच्च न्यायालय द्वारा पूर्व में पीड़क कार्रवाई पर लगाई गई रोक हटाए जाने के बाद अब इन मामलों में जांच और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। अदालत द्वारा दिए गए एक सप्ताह के समय के बाद मामले में अगली सुनवाई की तिथि तय की जाएगी।