चीनी वीजा घोटाला केस: हाई कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश को चुनौती पर जारी किया नोटिस

चीनी वीजा घोटाला केस: हाई कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश को चुनौती पर जारी किया नोटिस


नई दिल्ली, 28 जनवरी। दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को कांग्रेस सांसद कार्ति पी चिदंबरम की याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया। चिदंबरम ने कथित चीनी वीजा घोटाले मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ आरोप तय करने के आदेश को चुनौती दी है।

सुनवाई के बाद जस्टिस मनोज जैन की सिंगल-जज बेंच ने चिदंबरम की आपराधिक रिवीजन याचिका के साथ-साथ ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने की अर्जी पर भी नोटिस जारी किया।

चिदंबरम की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 8 और 9 के तहत जरूरी तत्वों की कमी है। किसी भी सरकारी कर्मचारी के शामिल न होने पर भ्रष्टाचार विरोधी कानून के तहत आरोप नहीं टिक सकते। उन्होंने आगे कहा कि ट्रायल कोर्ट ने बिना किसी सहायक सामग्री के आईपीसी की धारा 204 के तहत आरोप तय किया है।

सुनवाई के दौरान जब लूथरा ने ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की तो दिल्ली हाई कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि वह अंतरिम राहत की प्रार्थना पर विचार करने से पहले सीबीआई से जवाब मांगेगा।

जस्टिस जैन ने इस मामले को 12 फरवरी को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करते हुए दर्ज किया कि सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक अग्रिम नोटिस पर पेश हुए और संक्षिप्त जवाब एवं स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए समय मांगा।

इससे पहले इस मामले में कई जजों ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा, अनूप जयराम भंभानी और गिरीश कथपालिया ने चिदंबरम की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया था।

चिदंबरम ने अपनी याचिका में एक विशेष सीबीआई कोर्ट द्वारा 23 दिसंबर 2025 को पारित आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ 2011 में चीनी नागरिकों को वीजा जारी करने में कथित अनियमितताओं के संबंध में आपराधिक साजिश और एक सरकारी कर्मचारी को रिश्वत देने के आरोप तय किए गए थे। कई अन्य आरोपियों के खिलाफ भी आरोप तय किए गए, जबकि आरोपी चेतन श्रीवास्तव को बरी कर दिया गया।

सीबीआई के अनुसार, यह मामला 2011 में कथित अनियमितताओं से संबंधित है, जिसमें गृह मंत्रालय के नियमों का उल्लंघन करते हुए चीनी नागरिकों के लिए वीजा का दुरुपयोग किया गया था। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि पंजाब में एक पावर प्लांट के निर्माण के दौरान करीब 250 चीनी मजदूरों के वीजा को तय सीमा से ज्यादा समय के लिए दोबारा इस्तेमाल करने में मदद की गई।

ये आरोप वेदांता ग्रुप से जुड़ी कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड पर लगे हैं, जो पंजाब के मनसा में एक पावर प्रोजेक्ट लगा रही थी।
 

Trending Content

Forum statistics

Threads
8,992
Messages
9,024
Members
19
Latest member
Jessantict5434
Back
Top