रांची, 27 जनवरी। दावोस और यूनाइटेड किंगडम के दौरे के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंगलवार की शाम को रांची लौट आए। उन्होंने बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक और लंदन में वैश्विक मंचों पर झारखंड ने पहली बार अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। वहां से जो अनुभव और सीख मिली है, उसका उपयोग राज्य की संपदाओं और यहां की अपार संभावनाओं को नई दिशा देने में किया जाएगा।
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर झारखंड की उपस्थिति राज्य के लिए एक नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के बाद यह पहला अवसर है, जब झारखंड ने इतने बड़े वैश्विक मंच पर अपनी बात मजबूती से रखी। दावोस और लंदन में राज्य सरकार की ओर से झारखंड की संभावनाओं, संसाधनों और निवेश के अवसरों को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया गया।
उन्होंने कहा कि इस दौरे के दौरान जो अनुभव सरकार को मिला है, वह झारखंड के विकास को गति देने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि राज्य की जल, जंगल और जमीन के साथ-साथ यहां के मानव संसाधन और युवाओं की क्षमता को ध्यान में रखते हुए सरकार आगे की रणनीति तय करेगी। आने वाली पीढ़ी को बेहतर अवसर, शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के माध्यम से शिक्षा, कौशल विकास और निवेश के क्षेत्रों में नए आयाम जोड़ने का प्रयास किया गया है, जिसका लाभ राज्य के युवाओं को मिलेगा। इसके पहले मुख्यमंत्री के रांची पहुंचने पर बिरसा मुंडा एयरपोर्ट परिसर में फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल सहित बड़ी संख्या में आम लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया।
बता दें कि सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड से 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने पहली बार दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (विश्व आर्थिक मंच) की वार्षिक बैठक में हिस्सा लिया। इस वैश्विक सम्मेलन में दुनिया भर के प्रमुख निवेशक, उद्योगपति, नीति-निर्माता और विशेषज्ञ शामिल हुए, जहां विभिन्न देशों और राज्यों ने अपनी आर्थिक, औद्योगिक और विकास से जुड़ी संभावनाएं प्रस्तुत कीं।