नई दिल्ली, 27 जनवरी। कांग्रेस ने बजट सत्र से पहले संसद में सरकार को घेरने की पूरी रणनीति तैयार कर ली है। कांग्रेस की पार्लियामेंट्री स्ट्रेटजी ग्रुप की मंगलवार को एक अहम बैठक हुई। कांग्रेस की संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत तमाम बड़े नेता मौजूद रहे।
बैठक के बाद कांग्रेस के राज्यसभा सांसद सैयद नसीर हुसैन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आज कांग्रेस पार्टी की पार्लियामेंट्री स्ट्रेटजी कमेटी की मीटिंग थी। बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कि बजट सत्र के पहले फेज में कौन-कौन से मुद्दों को उठाना है। इस बीच मनरेगा के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। इस मुद्दे को पहले फेज में उठाया जाएगा। एसआईआर के मुद्दे को उठाने पर भी सहमति बनी है। इसके साथ अरावली जैसे कुछ पर्यावरण से जुड़े कुछ मुद्दों के साथ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के मुद्दे को पूरे जोर-शोर से उठाया जाएगा।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि विदेशी नीति और टैरिफ के मामलों को उठाया जाएगा। अमेरिका लगातार भारत को धमका रहा है और टैरिफ की वजह से हमें जो नुकसान उठाना पड़ रहा है। रुपया लगातार गिर रहा है, जिसकी वजह से हमारी अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। एमएसएमई सेक्टर को बहुत ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है। इन सब मुद्दों को बजट सत्र में उठाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एसआईआर के विरोध में इतना बड़ा विपक्ष है, सुप्रीम कोर्ट का आदेश है, और जमीनी स्तर पर आने वाली कठनाइयां हैं। इसके बावजूद सरकार एसआईआर को लेकर जिस तरह से आगे बढ़ रही है, यह उसके अहंकार को दिखाता है। इस मुद्दे को हमें बड़े स्तर पर उठाना होगा, क्योंकि जिस तरह से वोट चोरी की बात सामने आ रही है, उसका मतलब है कि 2003 के बाद जितने चुनाव हुए हैं, वो सब फर्जी हैं। जितने चुनाव भाजपा जीती है, वो भी सब फर्जी हैं। दूसरे राज्यों में जो चुनाव हुए, वो भी फर्जी हैं। हम चाहते हैं कि एसआईआर को वापस लिया जाए और पुरानी मतदाता सूचियों को बहाल किया जाए।
इस दौरान यूजीसी विवाद को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना होनी चाहिए। देश में जातिगत जनगणना से इन सारे मुद्दों और समस्याओं का समाधान हो जाएगा।