पाकिस्तान में खतरनाक ‘एक्ज़ॉटिक पेट’ संस्कृति फिर उजागर, निजी फार्मों से 59 बड़े शिकारी जानवर जब्त

पाकिस्तान में खतरनाक ‘एक्ज़ॉटिक पेट’ संस्कृति फिर उजागर, निजी फार्मों से 59 बड़े शिकारी जानवर जब्त


लाहौर, 27 जनवरी। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में वन्यजीव अधिकारियों ने निजी फार्मों से 59 बड़े शिकारी जानवरों (बिग कैट्स) को जब्त किया है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर देश में तेजी से फैल रही और चिंताजनक ‘एक्ज़ॉटिक पेट’ (विदेशी/दुर्लभ जानवर पालने) की संस्कृति को उजागर कर दिया है। स्थानीय मीडिया ने इस पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

पाकिस्तान के प्रमुख अंग्रेज़ी दैनिक द नेशन ने एक संपादकीय में लिखा कि यह कार्रवाई खतरनाक वन्यजीवों के निजी स्वामित्व और प्रजनन को नियंत्रित करने के लिए बनाए गए नए नियमों के तहत की गई सख्त जांच और प्रवर्तन का हिस्सा है। अधिकारियों ने सार्वजनिक सुरक्षा और पशु कल्याण को इस अभियान की प्रमुख वजह बताया है।

‘एंडेंजर्ड एथिक्स’ शीर्षक से प्रकाशित संपादकीय में अखबार ने कहा, “पाकिस्तान वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कई अंतरराष्ट्रीय समझौतों का हस्ताक्षरकर्ता है, लेकिन घरेलू स्तर पर इनके पालन में लंबे समय से ढिलाई बरती जाती रही है। इसी कारण विदेशी और खतरनाक जानवरों के प्रजनन और निजी प्रदर्शन की एक समानांतर अर्थव्यवस्था पनपती रही। इन जानवरों की जब्ती को किसी एक कार्रवाई के रूप में नहीं, बल्कि देश में वन्यजीवों के प्रति रवैये में व्यापक बदलाव की शुरुआत के रूप में देखा जाना चाहिए।”

अखबार ने इस बात पर जोर दिया कि शीर्ष शिकारी जानवरों का निजी स्वामित्व कोई मासूम शौक नहीं, बल्कि सामाजिक रुतबा दिखाने की लापरवाह प्रवृत्ति है। द नेशन के अनुसार, शेर और बाघ फार्महाउसों की शोभा बढ़ाने या सोशल मीडिया पर दिखावे की वस्तु नहीं हैं।

संपादकीय में कहा गया, “इस तमाशे के पीछे एक और भी भयावह सच्चाई छिपी है। पाकिस्तान में निजी चिड़ियाघर और प्रजनन केंद्र अक्सर पशु कल्याण के बुनियादी अंतरराष्ट्रीय मानकों पर भी खरे नहीं उतरते। इनके बाड़े अपर्याप्त होते हैं, पशु चिकित्सा सुविधाएं असंगत रहती हैं और जानवरों के लिए मानसिक व शारीरिक उत्तेजना (एनरिचमेंट) का लगभग अभाव होता है। ऐसे हालात में जानवर अपने प्राकृतिक व्यवहार, सामाजिक संरचना और पारिस्थितिक संदर्भ से वंचित रह जाते हैं और महज ‘जीवित ट्रॉफी’ बनकर रह जाते हैं।”

अखबार ने चेतावनी दी कि इसका नतीजा लगातार तनाव, स्वास्थ्य समस्याओं और कई मामलों में समय से पहले मौत के रूप में सामने आता है, जो किसी भी ऐसे समाज के लिए नैतिक रूप से अस्वीकार्य होना चाहिए जो जैव विविधता को महत्व देने का दावा करता है।

द नेशन ने स्पष्ट कहा कि यदि पाकिस्तान वास्तव में संरक्षण को लेकर गंभीर है, तो उसे एक्ज़ॉटिक पेट संस्कृति को खत्म करना होगा, लाइसेंस प्रणाली को सख्त बनाना होगा और ऐसे अभयारण्यों में निवेश करना होगा जहां प्रदर्शन के बजाय पुनर्वास को प्राथमिकता दी जाए।

संपादकीय के अंत में कहा गया, “वन्यजीव कोई विलासिता की वस्तु नहीं हैं, बल्कि साझा पारिस्थितिक विरासत हैं। उन्हें किसी और नजर से देखना न केवल बेस्वाद है, बल्कि खतरनाक रूप से गैर-जिम्मेदाराना भी है।”
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
1,254
Messages
1,265
Members
17
Latest member
RohitJain
Back
Top