तिरुवनंतपुरम, 27 जनवरी। केरल सरकार केरल से बाहर रहने वाले मलयाली प्रवासियों की समस्याओं पर चर्चा करने के लिए लोक केरल सभा की पांचवीं बैठक आयोजित कर रही है। यह बैठक 29 से 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। उद्घाटन समारोह 29 जनवरी की दोपहर तिरुवनंतपुरम के निशागंधी ऑडिटोरियम में होगा।
इस बैठक में 125 देशों और भारत के 28 राज्यों से प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। विभिन्न क्षेत्रों के मंत्री, विधायक और विषय विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। बैठक में प्रवासियों से जुड़े आठ प्रमुख मुद्दों पर गहन चर्चा होगी। इनमें खाड़ी देश, एशिया-प्रशांत क्षेत्र, यूरोप और ब्रिटेन, अमेरिकी महाद्वीप, अफ्रीका, भारत के अन्य राज्यों से जुड़े क्षेत्रीय मुद्दे और केरल लौट चुके प्रवासियों की समस्याएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री पी. विजयन ने चौथी लोक केरल सभा में दिए गए भाषण में केरल लौटे प्रवासियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की थीं, जिन्हें अब लागू करने की प्रक्रिया चल रही है। इनमें प्रवासी मिशन की स्थापना सबसे प्रमुख है, जिसका उद्देश्य लौटे हुए एनआरआई की समस्याओं का समाधान करना है। इसके अलावा, प्रवासियों के लिए व्यापक स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा योजना "नोर्का केयर" शुरू की गई है।
अनधिकृत भर्ती एजेंटों, वीजा घोटाले और मानव तस्करी रोकने के लिए नोर्का पुलिस स्टेशन बनाया गया है। छात्रों की मदद के लिए एक माइग्रेशन पोर्टल शुरू किया गया है, जो दूसरे देशों के कानूनों और विश्वविद्यालयों की जानकारी देता है। प्रवासी संगठनों और नोर्का के सहयोग से विदेशों में सहायता केंद्र भी शुरू किए गए हैं।
प्रवासियों के साथ बेहतर संचार के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल बनाया गया है। एयरपोर्ट पर हेल्प डेस्क और नोर्का महिला सेल की शुरुआत भी की गई है, ताकि महिलाओं और परिवारों को विशेष सहायता मिल सके।
यह बैठक प्रवासियों की आवाज को मजबूत बनाने और उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने का एक बड़ा मंच साबित होगी। केरल सरकार का प्रयास है कि दुनिया भर में बसे मलयाली प्रवासी सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से रह सकें और जरूरत पड़ने पर केरल लौटकर आसानी से अपना जीवन शुरू कर सकें।