नई दिल्ली, 27 जनवरी। यूजीसी के नए नियम को लेकर विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा करके विद्यार्थियों में और ज्यादा नफरत पैदा करने का काम किया जा रहा है। इसे अब बंद कर देना चाहिए।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "यह विवाद बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं यह इसलिए कह रही हूं क्योंकि अगर जाति के आधार पर भेदभाव होता है, तो हां इसे बिल्कुल ठीक करने की जरूरत है। इस देश में कोई भी इस बात से इनकार नहीं करेगा कि अगर कैंपस में जाति के आधार पर भेदभाव होता है, तो कार्रवाई होनी चाहिए।"
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी गाइडलाइंस लाना स्वयं भेदभाव को बढ़ावा देने वाला कदम है, जो पहले से ही यह मानकर चलती हैं कि समाज में एक वर्ग हमेशा शोषित है और दूसरा हमेशा शोषण करने वाला। प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे कहा, "इन दिशानिर्देशों में शिकायत दर्ज कराने का अधिकार केवल कुछ वर्गों तक सीमित कर दिया गया है, जहां केवल अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लोग ही शिकायत कर सकते हैं, जो अपने आप में पक्षपातपूर्ण है।"
कांग्रेस के पूर्व नेता शकील अहमद के बयान पर प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "कांग्रेस पार्टी के नेता अपनी राय जाहिर कर रहे हैं और कांग्रेस इस पर विचार-विमर्श करेगी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि शकील अहमद कई सालों से कांग्रेस पार्टी में अहम पदों पर रहे हैं। वह मंत्री, सांसद और विधायक रह चुके हैं और संगठन के अंदर भी उन्होंने अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। इसलिए, अगर उन्हें इस समय ऐसा महसूस हो रहा है और उन्होंने इस्तीफा दे दिया है, तो हो सकता है कि वह अपने मन की बात कह रहे हों। साथ ही, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि ऐसी चर्चाओं में इस्तेमाल किए गए शब्दों का लोग अक्सर अलग-अलग तरह से मतलब निकालते हैं।"
बजट पर सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "हम बजट सत्र से क्या उम्मीद कर सकते हैं? पूरी दुनिया में उथल-पुथल मची हुई है। अमेरिका के टैरिफ लगाने के बाद यह पहला बजट सत्र होगा। तो हम इसे कैसे संभालेंगे? अमेरिका के साथ हमारी ट्रेड डील में कौन से समझौते हैं और कौन से नहीं हैं? इस पर भी खास ध्यान दिया जाएगा।"