झारखंड: रांची के कर्बला में पीएमश्री स्कूल से बदल रही सरकारी शिक्षा की तस्वीर, छात्रों की बढ़ रही पढ़ाई में रुचि

झारखंड: रांची के कर्बला में पीएमश्री स्कूल से बदल रही सरकारी शिक्षा की तस्वीर, छात्रों की बढ़ रही पढ़ाई में रुचि


रांची, 27 जनवरी। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पीएमश्री (प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया) के तहत झारखंड सहित देशभर के सरकारी स्कूलों की तस्वीर तेजी से बदल रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य चयनित सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मॉडल बनाना है, ताकि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी निजी स्कूलों के समान शिक्षा का वातावरण मिल सके।

पीएमश्री योजना के तहत स्कूलों के बुनियादी ढांचे, शिक्षण पद्धतियों और शैक्षणिक संसाधनों में व्यापक सुधार किया जा रहा है।

रांची के कर्बला चौक स्थित पीएमश्री आजाद हाई स्कूल इसका एक प्रमुख उदाहरण बनकर उभरा है। यह स्कूल अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र में स्थित है, जहां केंद्र सरकार अल्पसंख्यक बच्चों को बेहतर और समान शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। स्कूल के शिक्षक और छात्र मानते हैं कि पीएमश्री स्कूल बनने के बाद यहां शिक्षा का माहौल पहले की तुलना में काफी बेहतर हुआ है। छात्रों की उपस्थिति में वृद्धि हुई है और पढ़ाई के प्रति उनकी रुचि तथा आत्मविश्वास में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। यह पहल न केवल सरकारी स्कूलों को मजबूत कर रही है, बल्कि गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों के सपनों को भी नई दिशा दे रही है।

पीएमश्री आजाद हाई स्कूल के छात्र असलान आलम ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि जब उन्होंने स्कूल में दाखिला लिया था, उस समय कई सुविधाओं का अभाव था। पीएमश्री योजना के तहत स्कूल में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि अब छात्रों को विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिल रहा है। परख (समग्र विकास के लिए ज्ञान का प्रदर्शन मूल्यांकन, समीक्षा और विश्लेषण) के तहत आयोजित कार्यक्रमों में छात्रों को अपने कौशल पर काम करने और भविष्य के करियर विकल्पों के बारे में मार्गदर्शन दिया जाता है। स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक लैब, डिजिटल बोर्ड और बेहतर लाइब्रेरी से पढ़ाई अधिक रोचक और प्रभावी हो गई है।

पीएमश्री आजाद हाई स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक मो. कुर्बान अली ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के समकक्ष बनाना है। प्रधानमंत्री का मानना है कि सरकारी स्कूलों में भी केंद्रीय विद्यालय जैसी सुविधाएं और पढ़ाई का माहौल होना चाहिए। इसी सोच के तहत पीएमश्री योजना के माध्यम से सरकारी स्कूलों का कायाकल्प किया जा रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, मैनपावर की बढ़ोतरी और बच्चों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन प्रयासों के चलते इस वर्ष स्कूल में नामांकन की संख्या और बढ़ेगी।

वहीं, छात्र जावेद ने बताया कि पीएमश्री योजना के बाद स्कूल में शिक्षकों और सुविधाओं की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। अब शिक्षकों की कमी नहीं है और जल्द ही और शिक्षकों की नियुक्ति होने वाली है। उन्होंने कहा कि पहले की तुलना में अब पढ़ाई का स्तर बेहतर हुआ है और छात्रों को विषयों को समझने में आसानी हो रही है।

स्कूल की शिक्षिका सीतामणि ने बताया कि वह वर्ष 2019 से यहां कार्यरत हैं और पीएमश्री स्कूल बनने के बाद शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बेहतर सुविधाओं और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के कारण बच्चे अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और स्कूल निरंतर प्रगति की ओर बढ़ रहा है।

बता दें कि पीएमश्री स्कूलों में अब छात्रों को स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक विज्ञान एवं कंप्यूटर लैब, डिजिटल बोर्ड, समृद्ध लाइब्रेरी, स्वच्छ शौचालय और सुरक्षित स्कूल परिसर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही शिक्षकों को नई तकनीकों और आधुनिक शिक्षण विधियों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, जिससे वे छात्रों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर की शिक्षा दे सकें। इस योजना के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारने का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें रचनात्मक सोच, कौशल विकास, डिजिटल लर्निंग और आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर दिया गया है।
 

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