हजारीबाग, 27 जनवरी। झारखंड के हजारीबाग जिले में गणतंत्र दिवस के दिन एक नवजात बच्ची की चोरी के आरोप पर जबर्दस्त हंगामा हुआ। अब पुलिस जांच में यह मामला पूरी तरह फर्जी निकला है। जांच में खुलासा हुआ है कि बच्ची की चोरी नहीं हुई थी, बल्कि उसे माता-पिता ने ही आर्थिक तंगी के चलते बेच दिया था। पुलिस ने बेची गई बच्ची को बरामद कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, कटकमसांडी थाना क्षेत्र के बहिमर गांव की रहने वाली बेबी देवी ने 24 जनवरी 2026 को छठे बच्चे को जन्म दिया था। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी और पहले से ही पांच बच्चों का पालन-पोषण उनके लिए मुश्किल साबित हो रहा था। ऐसे में नवजात की जिम्मेदारी को लेकर दंपती खुद को असमर्थ महसूस कर रहा था। इसी बीच, बेबी देवी ने अपनी सहेली देवंती देवी के माध्यम से अपनी रिश्तेदार मीना देवी उर्फ मालती देवी से संपर्क किया और नवजात को उसे बेच दिया।
इसके बाद 26 जनवरी को सदर थाना क्षेत्र के लक्ष्मी पेट्रोल पंप के पास बच्ची चोरी की झूठी कहानी सामने आई। दावा किया गया कि इलाज के लिए हजारीबाग आई महिला की गोद से एक अज्ञात महिला तीन दिन की बच्ची को लेकर फरार हो गई। इस सूचना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई, लोग आक्रोशित हो उठे और सड़क जाम कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और पारिवारिक पृष्ठभूमि की जांच शुरू की।
कड़ाई से पूछताछ के दौरान बेबी देवी ने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। इसके बाद पुलिस ने चौपारण क्षेत्र से मीना देवी उर्फ मालती देवी को गिरफ्तार कर लिया और नवजात बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया। बरामदगी के बाद बच्ची को उसकी मां को सौंप दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। झूठी सूचना फैलाने, साजिश रचने, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और सड़क जाम करने की घटनाओं में शामिल सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।