सीएम भगवंत मान ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में पंजाब के बलिदानों को याद किया

गणतंत्र दिवस: सीएम भगवंत मान ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में पंजाब के बलिदानों को याद किया


होशियारपुर, 26 जनवरी। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर होशियारपुर में राष्ट्रीय तिरंगा फहराया। इस दौरान उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में राज्य के अतुलनीय बलिदानों और देश के अन्न भंडार और शक्ति के स्रोत के रूप में इसकी निरंतर भूमिका को याद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से राज्य को अन्यायपूर्ण तरीके से उसकी उचित राजधानी और एक अलग हाईकोर्ट से वंचित रखा गया है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़, पंजाब विश्वविद्यालय और उसके जल अधिकारों पर राज्य के दावे को कमजोर करने के प्रयास सफल नहीं होंगे। उन्होंने रेखांकित किया कि पंजाब अपने हितों की रक्षा के लिए प्रतिदिन कानूनी और संवैधानिक उपायों का सहारा लेता रहेगा।

शासन को विरासत और आस्था से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री मान ने गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस के ऐतिहासिक स्मरणोत्सव और अमृतसर साहिब, आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पवित्र शहर घोषित किए जाने का स्मरण किया। उन्होंने घोषणा की कि गुरु रविदास का 650वां प्रकाश पर्व इसी प्रकार राज्य स्तरीय कार्यक्रमों के माध्यम से इस वर्ष 1 फरवरी से 20 फरवरी, 2027 तक मनाया जाएगा।

शासन की दिशा पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने ‘युद्ध नशीयन विरुद्ध’ और ‘गैंगस्टरान ते वार’ योजनाओं के तहत मादक पदार्थों, गैंगस्टरों और नशीले ड्रोन के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई, 10 लाख रुपए तक की सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा, बिना रिश्वत के 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां और सड़क सुरक्षा बल के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में भारी कमी का उल्लेख किया।

उन्होंने अनुसूचित जाति और भूमिहीन परिवारों को प्रभावित करने वाले मनरेगा में बदलावों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने 1.5 लाख करोड़ रुपए के रिकॉर्ड निवेश का हवाला दिया, जिससे 5.2 लाख नौकरियां सृजित हुईं, और 13 से 15 मार्च तक पंजाब निवेश शिखर सम्मेलन की घोषणा की।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि देश और जनता के प्रति अपार योगदान के बावजूद पंजाब की अपनी कोई राजधानी नहीं है। स्वतंत्रता के बाद से पंजाब को गैरकानूनी रूप से इससे वंचित रखा गया है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि चंडीगढ़ पंजाब का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा, और राज्य सरकार अपनी राजधानी को वापस लेने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।

अलग हाईकोर्ट न होने पर खेद व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पंजाब में अपना हाईकोर्ट नहीं है, जबकि उत्तर-पूर्वी राज्यों में अपने-अपने हाईकोर्ट हैं।

उन्होंने कहा कि अपने हाईकोर्ट के अभाव में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालयों में लंबित मामलों की भारी संख्या के कारण पंजाबियों को बहुत कष्ट सहना पड़ता है।
 

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
8,885
Messages
8,917
Members
19
Latest member
Jessantict5434
Back
Top