‘शिंदे को मिटा दो’ बयान पर शायना एनसी का पलटवार, गणेश नाइक से पूछा–क्या भाजपा नेतृत्व से ली थी इजाजत?

‘शिंदे को मिटा दो’ बयान पर शायना एनसी का पलटवार, गणेश नाइक से पूछा–क्या भाजपा नेतृत्व से ली थी इजाजत?


मुंबई, 26 जनवरी। शिवसेना नेता शायना एनसी ने सोमवार को महाराष्ट्र के मंत्री गणेश नाइक की 'शिंदे को मिटा दो' वाली टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। शाइना एनसी ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या गणेश नाइक ने ऐसा बयान देने से पहले अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से अनुमति ली थी या यह सिर्फ उनकी निजी राय है।

दरअसल, गणेश नाइक ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लेकर कहा था कि अगर भाजपा नेतृत्व इजाजत दे, तो वह उन्हें राजनीतिक रूप से मिटा सकते हैं। इस बयान के बाद सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर खिंचाव के संकेत साफ नजर आने लगे हैं।

शिवसेना नेता शायना एनसी ने साफ शब्दों में कहा कि शिवसेना को किसी भी तरह के 'सर्टिफिकेट' की जरूरत नहीं है। शाइना ने कहा कि एकनाथ शिंदे कोई साधारण नेता नहीं हैं। वे जमीनी स्तर से जुड़े हुए नेता हैं, जिन्हें जनता का भरोसा और प्यार मिला है। ऐसे बयान देने वालों की सोच अपने आप सामने आ जाती है।

दरअसल, गणेश नाइक का यह बयान ऐसे समय आया है, जब मुंबई महानगरपालिका चुनाव के बाद मेयर पद को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। नाइक ने स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों का हवाला देते हुए महायुति के सीट बंटवारे पर भी सवाल उठाए थे।

उनका कहना था कि अगर भाजपा ने अकेले चुनाव लड़ा होता, तो पार्टी को खासतौर पर ठाणे, कल्याण और उल्हासनगर जैसे इलाकों में बेहतर प्रदर्शन मिलता। इन्हीं बयानों ने भाजपा और शिंदे गुट की शिवसेना के बीच अंदरूनी तनाव को फिर से उजागर कर दिया है।

शाइना एनसी ने गणेश नाइक को याद दिलाया कि जब एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे, तभी उन्हें मंत्री पद मिला था। उन्होंने कहा कि राजनीति में रहते हुए व्यक्ति को अपनी मर्यादा और परिस्थिति नहीं भूलनी चाहिए। कुछ बातें सार्वजनिक मंच पर कहने से पहले सोचनी चाहिए और कई बार अपनी राय अपने तक ही सीमित रखना बेहतर होता है।

शाइना एनसी ने महाराष्ट्र में पद्म पुरस्कारों को लेकर चल रहे विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के कुछ नेताओं ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण दिए जाने का विरोध किया है।

इस पर शाइना ने कहा कि भगत सिंह कोश्यारी का राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन किसी से छिपा नहीं है। वे आरएसएस के प्रचारक रहे हैं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, केंद्र में मंत्री रहे हैं और बाद में महाराष्ट्र के राज्यपाल की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि कोश्यारी ने हमेशा राष्ट्रवाद को प्राथमिकता दी और देश के प्रति समर्पण दिखाया। ऐसे में अगर उन्हें पद्म पुरस्कार मिल रहा है, तो इसमें आपत्ति की कोई वजह नहीं बनती। शाइना ने विपक्षी नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि शायद उन्हें यह लग रहा है कि उनकी ओर से ऐसा कोई नेता नहीं है, जिसका रिकॉर्ड पद्म भूषण के लायक हो, इसलिए वे विरोध कर रहे हैं।
 

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
1,254
Messages
1,265
Members
17
Latest member
RohitJain
Back
Top