सुप्रिया सुले ने सरकार से की नीतियों में स्पष्टता की मांग, खेती और संवेदनशील क्षेत्रों में जीरो टॉलरेंस पर दिया जोर

सुप्रिया सुले ने सरकार से की नीतियों में स्पष्टता की मांग, खेती और संवेदनशील क्षेत्रों में जीरो टॉलरेंस पर दिया जोर


मुंबई, 26 जनवरी। एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय से दुनियाभर में हो रहे घटनाक्रमों के बारे में देश की जनता को जानकारी देने की मांग की है। सोमवार को उन्होंने कहा कि संसद में इस पर चर्चा होनी चाहिए जिससे देश की आम जनता को भी इस बारे में जानकारी मिल सके।"

एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जनता को पूरी बात पता नहीं चल पा रही है, जिसका फायदा भाजपा के लोग उठा रहे हैं। सरकार की नीति क्या है? क्या यह साफ किया गया है? खेती पहली प्राथमिकता होनी चाहिए, जिसमें जीरो टॉलरेंस हो। हमें उम्मीद है कि टैरिफ के मामले में भी, इन तीन-चार संवेदनशील क्षेत्रों में भारत सरकार संवेदनशीलता से काम करेगी और हमारा साथ देगी।

सुप्रिया सुले ने कहा, "सबसे पहले, हर राज्य की आर्थिक स्थिति, भारत की कुल आर्थिक स्थिति और भारत की ग्रोथ पर अंतरराष्ट्रीय स्थिरता के असर पर चर्चा होनी चाहिए। दूसरा, हमें नीतियों पर स्पष्टता चाहिए। आर्थिक और नीतिगत स्तर पर महाराष्ट्र, भारत और अमेरिका और चीन जैसे देशों के बीच क्या संबंध हैं? भविष्य में ये संबंध कैसे विकसित होंगे? आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम के बारे में, जिसे प्रधानमंत्री ने 11 साल पहले शुरू किया था, क्या इसमें कोई नीतिगत बदलाव होंगे? टैरिफ का क्या असर होगा? इन सभी मामलों पर पूरी जानकारी देनी चाहिए। हमें उम्मीद है सरकार हमारी बात सुनेगी।"

गणतंत्र दिवस पर सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, "मेरी नजर में, आज गणतंत्र दिवस है। हमारे पूर्वजों ने बहुत मेहनत की और कई लोगों ने इस देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। मैं हमारी एकता के लिए दिल से प्रार्थना करती हूं। महात्मा गांधी और डॉ. बी.आर. अंबेडकर जैसे नेताओं के बलिदान की वजह से हमारा देश मजबूती से खड़ा है। इस दिन मैं सभी को शुभकामनाएं देती हूं और उम्मीद करती हूं कि हम शांति और सद्भाव बनाए रखेंगे। चुने हुए प्रतिनिधियों को इन मामलों के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए, क्योंकि यही भारत की असली ताकत है।"

पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पद्म पुरस्कार मिलने पर एनसीपी (एसपी) सांसद ने कहा, "हमें दुख हुआ। राज्यपाल होना एक बड़ी बात है, लेकिन जब वह यहां थे, तो उन्होंने महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले के बारे में जो टिप्पणियां की थीं, वे हम सभी को पसंद नहीं आईं। हमें यह पसंद नहीं आया क्योंकि वे हमारे लिए सम्मानित व्यक्ति हैं। मैं अभी भी उनके इस्तेमाल किए गए शब्दों की निंदा करती हूं। उनके लिए इतना बड़ा सम्मान दुख की बात है।"

मेट्रो का किराया सस्ता करने की मांग करते हुए सुप्रिया सुले ने कहा, "हमने लंबे समय से मांग की है कि मेट्रो का किराया सस्ता किया जाए और सर्विस का विस्तार किया जाए। अगर यह सस्ता होगा, तो ज्यादा लोग इसका इस्तेमाल कर पाएंगे। बेसिक ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की भी जरूरत है। हम यह मांग करते रहेंगे कि पुणे सुरक्षित रहे, और किसी भी तरह की हिंसा के लिए जीरो टॉलरेंस हो, चाहे किसी भी सरकार का राज हो।"

उन्होंने आगे कहा कि मुझे नहीं लगता कि महाराष्ट्र के लोग अनजान हैं। वे बहुत समझदार और संवेदनशील हैं। मेरा मानना है कि जो कुछ भी कहा जा रहा है, आज उसका समय नहीं है। आज महाराष्ट्र की एकता, भारत की अखंडता और महाराष्ट्र और भारत को विकासोन्मुखी कैसे बनाया जाए, इस बारे में सोचने का समय है।
 

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