वाव-थराद, 26 जनवरी। गुजरात में 77वां गणतंत्र दिवस बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस बार का राज्यस्तरीय समारोह वाव-थराद जिले के मालुपुर में नवनिर्मित कोर्ट बिल्डिंग के सामने हेलिपैड ग्राउंड में आयोजित किया गया। इस मौके पर राज्य के गवर्नर आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल मौजूद रहे।
राज्यस्तरीय समारोह अलग-अलग हिस्सों में आयोजित करने की परंपरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री रहते समय शुरू की गई थी। इस बार इसे नए बने जिले में आयोजित किया गया ताकि वहां के लोगों को भी इस राष्ट्रीय पर्व का अनुभव मिल सके।
समारोह की शुरुआत गवर्नर आचार्य देवव्रत ने तिरंगा फहराकर और उसे सलामी देकर की। इस दौरान हेलिकॉप्टर से फूलों की वर्षा की गई, जो वहां मौजूद लोगों के लिए बहुत आकर्षक पल था। इस समारोह में लगभग 1,600 गुजरात पुलिस के जवानों ने भाग लिया। इन जवानों को 22 पलटन में विभाजित किया गया था और उन्होंने मार्च-पास्ट करते हुए राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी।
कार्यक्रम में पुलिस की तरफ से सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और प्रदर्शनी भी दिखाए गए। इसमें अनुशासन, सेवा और राष्ट्रीय एकता की झलक दिखाई गई। समारोह ने लोगों में देशभक्ति और एकजुटता की भावना को बढ़ाया।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सभी नागरिकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, "गणतंत्र दिवस पर मैं सभी नागरिकों को दिल से बधाई देता हूं। हम उन स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हैं, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें स्वतंत्र भारत दिया और उन दूरदर्शी नेताओं को भी जो हमारे संविधान को तैयार करने में शामिल थे।"
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भारत 2047 तक विकसित देश बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह एकजुट रहे, संविधान के मूल्यों का पालन करे और 'राष्ट्र पहले' की भावना के साथ काम करे ताकि भारत वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति हासिल कर सके।
जिला स्तरीय कार्यक्रम भी पूरे गुजरात में आयोजित किए गए। अहमदाबाद सहित कई जिलों में तिरंगा फहराया गया। राज्य के विभिन्न मंत्री भी अलग-अलग स्थानों पर समारोह में शामिल हुए।
कैप्टन स्वारूपजी ठाकर शंखेश्वर, पाटण जिले में समारोह में मौजूद रहे, जबकि राज्य मंत्री रिवाबा जडेजा, बोटाड जिले में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुईं।
इसके अलावा नौ जिलों के तालुका मुख्यालयों पर कलेक्टर्स ने भी राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इनमें अरावली का मेघराज, बनासकांठा का ओगड़, भरूच का आमोद, देवभूमि द्वारका का भानवाड़, जामनगर का कलावड़, जूनागढ़ का केशोद, मोरबी का टंकारा, मंडवी का उच्चल और सूरत का तापी शामिल हैं।
इन समारोहों में सरकारी अधिकारियों, सुरक्षा कर्मियों, छात्रों और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस तरह पूरे गुजरात में गणतंत्र दिवस का उत्सव धूमधाम और जोश के साथ मनाया गया।