रांची, 26 जनवरी। 77वें वें गणतंत्र दिवस पर झारखंड की राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने तिरंगा फहराया। इस मौके पर शानदार परेड का आयोजन हुआ और सरकार के विभिन्न विभागों की ओर से किए जा रहे कार्यों पर आधारित झांकियां प्रदर्शित की गईं।
राज्यपाल ने इस अवसर पर अपने संबोधन में भारतीय संविधान को ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना से प्रेरित दुनिया का सर्वश्रेष्ठ संविधान बताया। उन्होंने कहा कि संविधान ने भारत को एकता, समानता और सामाजिक न्याय का मार्ग दिखाया है। राष्ट्र निर्माण में झारखंड के योगदान की चर्चा करते हुए उन्होंने राज्य की जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक संपदा के साथ-साथ मानव संसाधन को इसकी बड़ी ताकत बताया।
राज्यपाल ने झारखंड के जननायक शिबू सोरेन को पद्मभूषण से सम्मानित किए जाने पर केंद्र सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह संपूर्ण राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने राज्य में लागू की गई ‘पेसा नियमावली-2025’ को जनजातीय स्वशासन और अधिकारों की रक्षा के लिए मील का पत्थर बताया।
उन्होंने विश्वास जताया कि पर्यटन, औद्योगिक नवाचार और कृषि क्षेत्र में सुधारों के जरिए झारखंड ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने ‘झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ की विशेष सराहना की।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत वर्तमान में 51 लाख से अधिक महिलाओं को हर माह 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जो महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। राज्यपाल ने कहा कि झारखंड की लगभग एक-तिहाई आबादी 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की है। युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार मिशन मोड में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी के माध्यम से हाल में बड़ी संख्या में नियुक्तियां हुई हैं। राज्य में 80 ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की जा रही है और नेतरहाट विद्यालय की तर्ज पर पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो एवं दुमका में नए आवासीय विद्यालय शुरू किए जा रहे हैं। राज्यपाल ने किसानों की खुशहाली को राज्य की समृद्धि का आधार बताया।
उन्होंने कहा कि खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के लिए छह लाख टन धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य तय किया गया है और किसानों को बोनस सहित 2,450 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधारों का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारियों, सहायक आचार्यों और प्रयोगशाला सहायकों की नियुक्ति की गई है। अस्पतालों के बेहतर संचालन के लिए वरीय अस्पताल प्रबंधकों और आईटी एग्जीक्यूटिव की तैनाती की गई है तथा सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।