दिग्गज पत्रकार मार्क टुली का दिल्ली में निधन, पद्मश्री और पद्मभूषण से किया गया था सम्मानित

दिग्गज पत्रकार मार्क टुली का दिल्ली में निधन, पद्म श्री और पद्म भूषण से किया गया था सम्मानित


नई दिल्ली, 25 जनवरी। वरिष्ठ पत्रकार और लेखक सर विलियम मार्क टुली का 90 साल की आयु में रविवार को निधन हो गया। उन्हें दुनिया मार्क टुली के नाम से भी जानती थी। उन्होंने 20वीं सदी के आखिरी दशकों में भारत की राजनीति और बड़ी घटनाओं पर कवरेज के लिए काफी प्रसिद्धि हासिल की थी।

मार्क टुली बीबीसी के पूर्व पत्रकार थे और उन्होंने अपने पूरे करियर में भारत और दक्षिण एशिया की रिपोर्टिंग की। उन्हें भारत और ब्रिटेन दोनों सरकारों की ओर से सम्मानित किया गया था। वे काफी समय से बीमार चल रहे थे और दक्षिण दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती थे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।

मार्क टुली का जन्म 24 अक्टूबर 1935 को कोलकाता के टॉलीगंज में एक समृद्ध ब्रिटिश कारोबारी परिवार में हुआ था। उन्होंने शुरुआती पढ़ाई भारत में ही की, जिसमें दार्जिलिंग के एक बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाई भी शामिल थी। नौ साल की उम्र में वे ब्रिटेन चले गए। उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से धर्मशास्त्र की पढ़ाई की और शुरुआत में चर्च से जुड़ने की योजना बनाई, लेकिन बीच में ही यह विचार छोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने पत्रकारिता को करियर चुना और 1964 में बीबीसी से जुड़े।

1965 में वे बीबीसी के भारत संवाददाता के रूप में फिर लौटे। बाद में वे बीबीसी के नई दिल्ली ब्यूरो के प्रमुख बने। अपने 22 साल के कार्यकाल में उन्होंने दक्षिण एशिया की लगभग सभी बड़ी घटनाओं की रिपोर्टिंग की। इनमें भारत-पाकिस्तान युद्ध, ऑपरेशन ब्लू स्टार, इसके बाद इंदिरा गांधी की हत्या और सिख विरोधी दंगे, भोपाल गैस त्रासदी, राजीव गांधी की हत्या और बाबरी मस्जिद विध्वंस जैसी घटनाएं शामिल हैं।

उन्होंने जुलाई 1994 में तत्कालीन महानिदेशक से विवाद के बाद बीबीसी छोड़ दिया। इसके बाद वे नई दिल्ली से स्वतंत्र पत्रकार और प्रसारक के रूप में काम करते रहे। हालांकि, उनका बीबीसी से जुड़ाव बना रहा और वे 2019 तक कुछ कार्यक्रमों में नजर आते रहे।

मार्क टुली एक प्रसिद्ध लेखक भी थे। उनकी प्रमुख किताबों में ‘अमृतसर: मिसेज गांधी की आखिरी लड़ाई’ (1985), ‘राज से राजीव: भारतीय स्वतंत्रता के 40 वर्ष’ (1988), ‘नो फुल स्टॉप्स इन इंडिया’ (1988), ‘इंडिया इन स्लो मोशन’ (2002), ‘इंडियाज अनएंडिंग जर्नी’ (2008) और ‘इंडिया: द रोड अहेड’ (2011) शामिल हैं।

उनकी चर्चित काल्पनिक रचनाओं में ‘द हार्ट ऑफ इंडिया’ (1995) और ‘अपकंट्री टेल्स’ (2017) शामिल हैं।

मार्क टुली को 1985 में ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर बनाया गया था। भारत सरकार ने उन्हें 1992 में पद्म श्री और 2005 में पद्म भूषण से सम्मानित किया।
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Forum statistics

Threads
16,711
Messages
16,748
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top