नई दिल्ली, 25 जनवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को साल 2026 के पहले 'मन की बात' कार्यक्रम के 130वें एपिसोड को संबोधित किया, जिसमें प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस, राष्ट्रीय मतदाता दिवस, स्टार्टअप इंडिया, उद्योग जगत में गुणवत्ता और एआई जैसे भविष्य की तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले महीने होने वाला 'एआई इंपैक्ट समिट 2026' आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में भारत की प्रगति और उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा।
'मन की बात' के 130वें एपिसोड को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "अगले महीने 'एआई इंपैक्ट समिट 2026' होने जा रही है। इस समिट में दुनिया भर से विशेषकर टेक्नोलॉजी क्षेत्र से जुड़े एक्सपर्ट भारत आएंगे। यह सम्मेलन एआई की दुनिया में भारत की प्रगति और उपलब्धियों को भी सामने लाएगा। मैं इसमें शामिल होने वाले सभी लोगों का हृदय से अभिनंदन करता हूं।"
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगले महीने 'मन की बात' में इंडिया एआई इंपैक्ट समिट पर हम जरूर बात करेंगे।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का एक ऑडियो क्लिप शेयर किया है, जिसमें प्रधानमंत्री इस बारे में बोलते हुए नजर आ रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने भारत की उद्यमशीलता और नवाचार की भावना की सराहना करते हुए कहा कि आज भारतीय स्टार्टअप्स ने एआई और अंतरिक्ष अन्वेषण से लेकर परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन और बायोटेक्नोलॉजी जैसे सभी प्रमुख तकनीकी क्षेत्रों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा ली है। उन्होंने कहा कि यह देश के युवाओं की सोच, साहस और मेहनत का परिणाम है।
इस दौरान पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर चल रहे एक ट्रेंड का भी जिक्र किया, जिसमें लोग 2016 की अपनी यादों को साझा कर रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने जनवरी 2016 की उस शुरुआत को याद किया, जब स्टार्टअप इंडिया की यात्रा की नींव रखी गई थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि उस समय यह पहल भले ही छोटी लग रही हो, लेकिन इसका उद्देश्य देश के भविष्य और युवा पीढ़ी के लिए एक मजबूत आधार तैयार करना था।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि आज उसी पहल का परिणाम है कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने कहा कि भारतीय स्टार्टअप पारंपरिक रास्तों से हटकर उन क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, जिनकी एक दशक पहले कल्पना तक नहीं की जा सकती थी।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा और वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभाएगा।