राहुल गांधी अपनी असफलता छिपाने के लिए उठाते हैं एसआईआर-ईवीएम के मुद्दे: गौरव वल्लभ

राहुल गांधी अपनी असफलता छिपाने के लिए उठाते हैं एसआईआर-ईवीएम के मुद्दे: गौरव वल्लभ


नई दिल्ली, 24 जनवरी। कांग्रेस के पूर्व नेता शकील अहमद द्वारा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दिए गए बयान पर भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने कहा कि जब कांग्रेस के पूर्व नेता खुद राहुल गांधी को कांग्रेस के लिए नुकसानदायक मानते हैं तो देश के वोटर उन्हें नुकसानदायक क्यों नहीं मानेंगे? राहुल गांधी जो मुद्दे उठाते हैं, उनसे देश की जनता को कुछ लेना-देना नहीं है, क्योंकि वे सारे मुद्दे अपनी असफलता को छिपाने के लिए उठाते हैं।

नई दिल्ली में भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी अपनी असफलता को छिपाने के लिए एसआईआर और ईवीएम का मुद्दा उठाते हैं। आज राहुल गांधी के खिलाफ शकील अहमद बोले या इससे पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर, हकीकत यह है कि कांग्रेस को योग्यता से घृणा है। कांग्रेस को ऐसे लोगों की जरूरत है जिनके पास संगठनात्मक अनुभव न हो, चुनाव लड़ने का अनुभव न हो और न ही बौद्धिक अनुभव हो। कांग्रेस पार्टी अब कुछ वंशवादी बच्चों की बन चुकी है।

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बयान पर गौरव वल्लभ ने कहा कि हम ऑपरेशन सिंदूर पर उनके बयानों से सहमत हैं, लेकिन आपको जाकर ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के सदस्यों को समझाना चाहिए कि वे भारतीय सेना की हिम्मत पर सवाल क्यों उठाते हैं? क्यों वे भारतीय सेना के शौर्य पर सवाल उठाते हैं? क्यों वे पाकिस्तान में बोली गई भाषा का इस्तेमाल भारत में करते हैं? कांग्रेस के नेता वही लाइन भारत में बोलते हैं जो दो घंटे पहले पाकिस्तान के इस्लामाबाद में वहां के नेता बोलते हैं। शशि थरूर को यह सब बातें अपनी पार्टी के अंदर लोगों को बतानी चाहिए। हम तो उनके द्वारा ऑपरेशन सिंदूर पर दिए गए बयान से सहमत हैं।

नसीमुद्दीन सिद्दीकी के इस्तीफे पर भाजपा नेता ने तंज कसते हुए कहा कि अगर उन्हें शायरी आती तो उन्हें कांग्रेस नहीं छोड़नी पड़ती। वे कांग्रेस पार्टी के नेताओं को बताएं कि उनके साथ ऐसा क्यों हुआ।

कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर हुए चुनाव पर उन्होंने कहा कि उस वक्त मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर के बीच चुनाव नहीं था, बल्कि राहुल गांधी और शशि थरूर का चुनाव था। खड़गे तो बस मुखौटा थे। राहुल गांधी के एक-दो लोग साथ में मिलकर फैसला लेते हैं, जिनकी विचारधारा मुस्लिम लीग से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि खड़गे ने अपने अध्यक्ष के कार्यकाल में तीन काम किए: अपने बेटे को मंत्री बनवाया, अपने दामाद को सांसद बनवाया, और जिस व्यक्ति ने उनके खान-पान का बहुत ख्याल रखा, उसे राज्यसभा भेज दिया। हर जगह गांधी परिवार ने उन्हें पीछे रखा है। वे तो कई बार खुद कहते हैं कि वे पार्टी हाईकमान से पूछ कर बताएंगे।

भाजपा नेता ने कहा कि उन दिनों हर कार्यकर्ता शशि थरूर के पक्ष में ही था, लेकिन गांधी परिवार के कारण खड़गे को वोट मिला।
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Forum statistics

Threads
16,711
Messages
16,748
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top