बेंगलुरु, 24 जनवरी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के बेंगलुरु जोनल ऑफिस ने कर्नाटक के पीएसआई (पुलिस सब इंस्पेक्टर) भर्ती घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.53 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया है। यह कार्रवाई 23 जनवरी 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत की गई।
जब्त की गई संपत्तियों में पूर्व एडीजीपी (भर्ती) अमृत पॉल और हेड कांस्टेबल श्रीधर एच की आवासीय संपत्तियां शामिल हैं।
ईडी ने यह जांच हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन, सीआईडी बेंगलुरु में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। यह मामला वर्ष 2021–22 में कर्नाटक पुलिस में पीएसआई की भर्ती परीक्षा से जुड़ा है। उस समय कर्नाटक पुलिस भर्ती सेल ने 545 पीएसआई पदों के लिए परीक्षा आयोजित की थी। परीक्षा के बाद जारी की गई चयन सूची को लेकर धांधली और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए थे।
ईडी की जांच में सामने आया कि उस समय भर्ती के जिम्मेदार अधिकारी अमृत पॉल ने इस साजिश में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने ओएमआर शीट्स रखे गए स्ट्रॉन्ग रूम तक अवैध पहुंच दिलाई। अमृत पॉल ने स्ट्रॉन्ग रूम की चाबियों वाली अलमारी की चाबी डिप्टी एसपी शांत कुमार को सौंपी, जिसके बाद उनके सहयोगियों समेत श्रीधर एच. ने भी ओएमआर शीट्स में छेड़छाड़ की। इसका मकसद अयोग्य उम्मीदवारों को पास कराना था।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने प्रत्येक उम्मीदवार से 30 लाख से 70 लाख रुपए तक की रिश्वत ली। इस अवैध धन को हैंड लोन (निजी उधार) के रूप में दिखाकर छिपाया गया और बाद में इसी पैसे से घर बनाए गए।
इससे पहले ईडी इस मामले में प्रोसिक्यूशन चार्जशीट दाखिल कर चुका है और अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध का संज्ञान भी ले लिया है।
ईडी ने बताया कि इस मामले में आगे की जांच अभी जारी है।