भारत-लिथुआनिया के 10वें परामर्श में द्विपक्षीय संबंधों को मिले नए आयाम, सिबी जॉर्ज ने उच्च-तकनीकी सहयोग पर दिया जोर

भारत-लिथुआनिया विदेश कार्यालय परामर्श के 10वें राउंड की बैठक में शामिल हुए सिबी जॉर्ज


नई दिल्ली, 14 मार्च। भारत-लिथुआनिया विदेश कार्यालय परामर्श (एफओसी) का 10वां राउंड 13 मार्च को विलनियस में हुआ। एफओसी में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मामलों के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने किया। वहीं, लिथुआनिया का नेतृत्व देश के विदेश मामलों के उपमंत्री विडमांतास वर्बिकास ने किया।

दोनों पक्षों ने राजनीति, व्यापार और आर्थिक सहयोग, सांस्कृतिक संबंधों और लोगों के बीच कनेक्शन सहित द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की। व्यापार और निवेश और लेजर सहित उच्च-तकनीक जैसे क्षेत्रों में संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने भारत-ईयू संबंध पर भी चर्चा की और आपसी फायदे के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

इस दौरे के दौरान, सेक्रेटरी सिबी जॉर्ज ने लिथुआनिया के विदेश मंत्री, केस्टुटिस बुड्रिस से भी मुलाकात की। उन्होंने लिथुआनिया के विदेश मंत्रालय के राजनीतिक डायरेक्टर (विदेश सचिव) लाइमोनास तलत-केल्प्सा, लिथुआनिया के प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के मुख्य सलाहकार केस्टुटिस कुड्जमानस, क्लेपेडा पोर्ट के सीईओ अल्गिस लताकस और सेंटर फॉर जियोपॉलिटिकल एंड सिक्योरिटी स्टडीज (जीएसएससी) के सीईओ लिनास कोजाला से भी बातचीत की।

सचिव ने लिथुआनिया में प्रवासी भारतीयों से भी बातचीत की और उनसे विकसित भारत 2047 की दिशा में अमृत काल यात्रा में योगदान जारी रखने का आग्रह किया। उन्होंने दूतावास के नए परिसर में आयुष सूचना प्रकोष्ठ और 'एक जिला, एक उत्पाद' (ओडीओपी) लाउंज का उद्घाटन किया। इस दौरान यह तय हुआ कि एफओसी का अगला राउंड नई दिल्ली में आपसी सहमति से तय तारीखों पर होगा।

भारत और लिथुआनिया के बीच 1992 में राजनयिक संबंध स्थापित हुए, जो आर्थिक, सांस्कृतिक और तकनीकी सहयोग पर केंद्रित हैं। भारत ने 1991 में सोवियत संघ से लिथुआनिया की स्वतंत्रता को मान्यता दी थी। भारत का पोलैंड स्थित दूतावास लिथुआनिया से संबंधित कार्य देखता है, जबकि लिथुआनिया का दूतावास नई दिल्ली में स्थित है। दोनों देशों के बीच 2023-24 में द्विपक्षीय व्यापार 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा रहा।

भारत और लिथुआनिया के बीच संस्कृत को लेकर भाषाई समानता देखने को मिलती है। इसके अलावा भारत से लिथुआनिया को तैयार दवाएं और जैविक उत्पाद, परमाणु बॉयलर, रिएक्टर, मशीनरी और विद्युत उपकरण, मछली और अन्य जलीय भोजन, कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन, ऑटोमोबाइल टायर और ट्यूब, प्लास्टिक की वस्तुएं, कपड़े और तंबाकू निर्यात होते हैं।

वहीं, लिथुआनिया से भारत में मशीनरी और यांत्रिक उपकरण, लोहा और इस्पात, रासायनिक उत्पाद और रबर से बनी वस्तुएं, लकड़ी और लकड़ी से बने उत्पाद, ऑप्टिकल और मापने के उपकरण और खाद्य पदार्थ आयात किए जाते हैं।
 

Similar threads

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
16,660
Messages
16,697
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top