पालघर, 14 मार्च। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत वसई-विरार क्षेत्र में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिल रहा है। बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए अब लोग अपने घरों और इमारतों की छतों पर सोलर पैनल लगाने की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं।
महावितरण की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार वसई क्षेत्र में अब तक 1,587 उपभोक्ताओं ने सौर पैनल स्थापित किए हैं जिनसे करीब 7.35 मेगावॉट बिजली का उत्पादन हो रहा है। पिछले कुछ वर्षों में वसई-विरार शहर का तेजी से विकास हुआ है। नए आवासीय प्रोजेक्ट, इमारतें और बढ़ती आबादी के कारण यहां बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है।
महावितरण के आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र में हर साल लगभग 9 से 10 प्रतिशत तक बिजली उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ रही है। वर्तमान समय में महावितरण के वसई-विरार क्षेत्र में 10.5 लाख से अधिक बिजली ग्राहक हैं। ऐसे में, बढ़ती मांग को पूरा करना बिजली विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। केंद्र सरकार ने फरवरी 2024 में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना शुरू की थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना और लोगों को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है।
योजना के तहत घरों की छतों पर सौर ऊर्जा प्रकल्प लगाने के लिए सरकार की ओर से सीधे अनुदान दिया जाता है। इस योजना में 1 किलोवाट के सौर प्रोजेक्ट पर 30 हजार रुपए, 2 किलोवाट पर 60 हजार रुपए और 3 किलोवाट पर 78 हजार रुपए तक की सब्सिडी दी जाती है। इसके अलावा बाकी खर्च उपभोक्ता को स्वयं करना होता है। एक किलोवाट का सौर प्रोजेक्ट हर महीने लगभग 120 यूनिट बिजली का उत्पादन करता है। यदि उपभोक्ता की जरूरत से ज्यादा बिजली उत्पन्न होती है, तो उसका बिजली बिल शून्य हो सकता है और अतिरिक्त बिजली महावितरण को बेचकर उपभोक्ता आय भी प्राप्त कर सकते हैं।
महावितरण की ओर से उपभोक्ताओं को अपने घरों और इमारतों की छतों पर सौर ऊर्जा प्रकल्प स्थापित करने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से न केवल बिजली उत्पादन में बढ़ोतरी होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
महावितरण के अधीक्षक अभियंता संजय खंडारे ने बताया कि सौर ऊर्जा परियोजनाओं को लेकर विभाग द्वारा लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वसई क्षेत्र से उपभोक्ताओं का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और अब तक डेढ़ हजार से अधिक उपभोक्ता सौर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन शुरू कर चुके हैं। आने वाले समय में इस संख्या में और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
महावितरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाते हुए अपने घरों की छतों पर सौर ऊर्जा प्रकल्प स्थापित करें, जिससे बिजली की बचत के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिल सके।