नई दिल्ली, 14 मार्च। दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए शर्टलेस प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका पर अपनी दलीलें पेश कीं। पुलिस ने अदालत को बताया कि यह प्रदर्शन पूरी तरह राजनीतिक था और इसका एआई या सरकार की नीति से कोई लेनादेना नहीं था।
दिल्ली पुलिस के अनुसार भारत में आयोजित एआई समिट में दुनिया के लगभग 100 से ज्यादा देश शामिल हुए थे, जिनमें 92 देश और यूरोपीय संघ के सदस्य देश भी थे। यह अपने तरह की पहली बड़ी एआई समिट थी। पुलिस ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन का मकसद भारत में हो रहे इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन की छवि खराब करना था। उन्होंने कहा कि आंतरिक राजनीतिक असहमति के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच का इस्तेमाल किया गया और अदालत पर भी दबाव बनाने की कोशिश हुई।
दिल्ली पुलिस ने मनीष शर्मा को इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता और फ्रंट मैन बताया। पुलिस ने कहा कि मनीष शर्मा यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी हैं और प्रदर्शन की योजना उनके निर्देश में बनी। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन से पहले चायोज रेस्तरां में बैठक हुई, जिसकी सीसीटीवी फुटेज उनके पास है। मनीष शर्मा ने सिद्धार्थ अवधूत को फोन कर बुलाया था और यूथ कांग्रेस के अंदर भी कई बैठकें हुईं।
प्रदर्शन के दौरान हाई सिक्योरिटी एरिया में 12 लोग मौजूद थे, जिनमें से नौ ने शर्ट उतारकर प्रदर्शन किया। चार लोगों को मौके पर गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने कहा कि यह गंभीर मामला है और वे जांच में यह पता लगाना चाहते हैं कि इसके पीछे और कौन-कौन लोग शामिल थे।
दिल्ली पुलिस ने अदालत से मनीष शर्मा की अग्रिम जमानत का विरोध किया और कहा कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है। मामले की अगली सुनवाई के दौरान कोर्ट इस पर फैसला सुनाएगा। यह प्रदर्शन फरवरी 2026 में भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट के दौरान हुआ था, जिसमें युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजनीतिक नारे वाली टी-शर्ट पहनकर विरोध जताया था।