नई दिल्ली, 13 मार्च। इंग्लैंड की 'द हंड्रेड' लीग में सनराइजर्स लीड्स के पाकिस्तानी खिलाड़ी अबरार अहमद को खरीदने को लेकर चल रहे विवाद पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला का बयान सामने आया है। राजीव शुक्ला का साफ कहना है कि यह मामला एक विदेशी लीग से जुड़ा हुआ है और इसका भारतीय क्रिकेट की गवर्निंग बॉडी से कोई लेना देना नहीं है।
राजीव शुक्ला ने इस मामले को लेकर कहा कि यह फैसला पूरी तरह से संबंधित फ्रेंचाइजी का है। खिलाड़ी को खरीदने का मामला भारत के बाहर की एक लीग से जुड़ा है। बीसीसीआई उपाध्यक्ष ने 'आईएएनएस' से कहा, "देखिए, यह उनका अपना फैसला है, क्योंकि यह हमारी लीग नहीं है। यह आईपीएल के लिए नहीं किया गया है। यह भारत के बाहर की एक लीग के लिए किया गया है। यह पूरी तरह से उनका अपना फैसला है। इंग्लैंड में कोई लीग है जिसके लिए वह ऐसा कर रहे हैं।"
भारतीय मालिकाना हक वाली सनराइजर्स लीड्स द्वारा अबरार को साइन करने का कदम फैंस को रास नहीं आया है। फैंस ने 'एक्स' पर जाकर टीम के मालिक और फ्रेंचाइजी की आलोचना की और उन्हें 'राष्ट्र-विरोधी' करार दिया। इस तीखी प्रतिक्रिया के चलते टीम का 'एक्स' अकाउंट भी कुछ समय के लिए सस्पेंड कर दिया गया था, लेकिन अब उसे बहाल कर दिया गया है।
आईपीएल की सनराइजर्स हैदराबाद ने साल 2025 में 'द हंड्रेड' की लीड्स फ्रेंचाइजी का अधिग्रहण किया था। यह टीम पहले नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स के नाम से जानी जाती थी। फ्रेंचाइजी ने ईसीबी से 49 प्रतिशत और यॉर्कशायर से 51 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदकर टीम का नियंत्रण अपने नाम किया था।
पहले सामने आई रिपोर्ट्स में कहा गया था कि आईपीएल फ्रेंचाइजी के मालिकाना हक वाली टीमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बोली लगाने से बचेंगी। गुरुवार को नीलामी के शुरुआती चरण में फ्रेंचाइजी पाकिस्तान के खिलाड़ियों पर बोली लगाने से बचती हुई नजर भी आई थीं, हालांकि बाद में सनराइजर्स लीड्स ने अबरार अहमद को 2,55,000 अमेरिकी डॉलर में खरीदा, जिसके बाद से फ्रेंचाइजी की जमकर आलोचना हो रही है।
2009 के बाद से इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में कोई भी पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं खेला है और दुनियाभर में फ्रेंचाइजी टी20 लीग में निवेश करने वाले आईपीएल फ्रेंचाइजी मालिकों ने आम तौर पर पाकिस्तान के क्रिकेटरों को साइन करने से परहेज किया है, हालांकि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने पिछले महीने कहा था कि नीलामी में चयन पूरी तरह से खिलाड़ी के प्रदर्शन, उपलब्धता और हर टीम की जरूरतों पर आधारित होगा।