मुजफ्फरपुर, 13 मार्च। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के गन्नीपुर स्थित आईटीआई परिसर में केंद्र सरकार के एमएसएमई विभाग की ओर से पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए उत्पादन व्यापार मेले का आयोजन किया गया। मेले का उद्घाटन जिलाधिकारी सुब्रतो कुमार सेन ने किया।
इस अवसर पर एमएसएमई विभाग के सहायक निदेशक ए. सलेमु राजुलु, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के क्षेत्रीय निदेशक आरसी मंडल, आईटीआई के प्राचार्य परमेश पाराशर, डिप्टी लेबर कमिश्नर, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। मेले में पीएम विश्वकर्मा योजना के कुल 50 लाभार्थियों ने अपने-अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए और अपने हुनर का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के दौरान विश्वकर्मा योजना के प्रशिक्षण प्राप्त 15 लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए। अधिकारियों ने मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर लाभार्थियों से बातचीत की और उनके उत्पादों के बारे में जानकारी ली।
मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी सुब्रतो कुमार सेन ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि यह अच्छी बात है कि जिस संस्थान में बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, वहीं स्किल डेवलपमेंट को लेकर भी काफी काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि आईटीआई जैसे संस्थान युवाओं की स्किल को निखारने का काम कर रहे हैं और ऐसे आयोजन उन्हें आगे बढ़ने का मंच प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि इस योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन वर्ष पहले की थी। आज लाखों कामगार इस योजना का लाभ लेकर अपनी स्किल को बढ़ा रहे हैं। बैंक भी उन्हें लगातार ऋण उपलब्ध करा रहे हैं।
डीएम ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे इस योजना का बेहतर तरीके से लाभ उठाएं, अपनी कुशलता को बढ़ाएं और बैंक से जुड़कर अपने उत्पादों को बेहतर बाजार तक पहुंचाएं, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके।
एमएसएमई विभाग के सहायक निदेशक ए. सलेमु राजुलु ने बताया कि इस कार्यक्रम में विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को बुलाकर उनके उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है, ताकि लोग उनके उत्पादों को देख सकें और कारोबारी अवसरों से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी में 50 स्टॉल लगाए गए हैं और भविष्य में इस तरह के आयोजन हर जिले में करने की योजना है।
आईटीआई मुजफ्फरपुर के प्राचार्य परमेश पाराशर ने बताया कि जिले में अब तक 9,336 लोगों ने पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत पंजीकरण कराए हैं। इनमें से 7,935 लाभार्थियों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है और 7,925 लोगों को प्रमाण-पत्र वितरित किए जा चुके हैं। जिले में फिलहाल छह प्रशिक्षण केंद्र संचालित हो रहे हैं, जहां 18 ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय प्रदर्शनी में दो दिन कौशल का प्रदर्शन होगा और तीसरे दिन स्वरोजगार स्थापित कर चुके लोग छात्रों को प्रेरित करेंगे।
मेले में शामिल लाभार्थी प्रहलाद पंडित ने बताया कि उनका काम मिट्टी के बर्तन बनाना है। उन्होंने 2023 में योजना के तहत आवेदन किया था और प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद टूलकिट मिलने से उनके काम में काफी सुधार आया है। अब वे नए डिजाइन के बर्तन बना रहे हैं, जिनमें पेन स्टैंड, गुलदस्ता पॉट और किचन सेट शामिल हैं। मिट्टी के बर्तन पर्यावरण, प्रकृति और सेहत के लिए लाभदायक होते हैं और प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान में भी उनका योगदान है।
लाभार्थी शील ने बताया कि वह पीएम विश्वकर्मा योजना से जुड़ी हैं और उन्हें मधुबनी पेंटिंग का प्रशिक्षण मिला है। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें नहीं पता था कि वे अपने हुनर का उपयोग कर सकेंगी, लेकिन सरकार के सहयोग से अब वह पिछले एक साल से मधुबनी पेंटिंग बना रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद सरकार की ओर से टूलकिट भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे उन्हें अपने काम को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।