कोहिमा, 13 मार्च। बिहार के पूर्व मंत्री नंदकिशोर यादव ने शुक्रवार को नागालैंड के 23वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली। गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आशुतोष कुमार ने कोहिमा के लोक भवन में आयोजित सादे समारोह में यादव को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफिउ रियो, उपमुख्यमंत्री यांथुगो पैटन और टीआर जेलियांग, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य और सुरक्षा व सैन्य अधिकारी समारोह में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन मुख्य सचिव सेंटियांगर इम्चेन ने किया।
मुख्यमंत्री नेफिउ रियो ने नंदकिशोर यादव को नागालैंड के राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालने पर बधाई दी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 5 मार्च को छह राज्यों व दो केंद्रशासित प्रदेशों में राज्यपालों और उपराज्यपालों की नियुक्ति और तबादलों की घोषणा की थी।
फेरबदल के तहत बिहार के पूर्व मंत्री व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव को नागालैंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। उन्होंने अजय कुमार भल्ला का स्थान लिया है, जो 25 अगस्त से मणिपुर के राज्यपाल के रूप में कार्यरत रहते हुए नागालैंड का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।
पूर्व केंद्रीय गृह सचिव भल्ला को पिछले साल 16 अगस्त को राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जो नागालैंड के राज्यपाल गणेशन के 15 अगस्त को चेन्नई के एक अस्पताल में 80 वर्ष की आयु में निधन के एक दिन बाद दी गई थी।
नंदकिशोर यादव 1969 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में शामिल हुए और बाद में 1971 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में सक्रिय हो गए। उन्होंने 1998 से 2003 तक भारतीय जनता पार्टी की बिहार इकाई के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया और बिहार सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाला।
फरवरी 2024 में नंदकिशोर यादव बिहार विधानसभा के 17वें अध्यक्ष चुने गए। उन्हें बिहार में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में से एक माना जाता है और नागालैंड के राज्यपाल के रूप में उनकी नियुक्ति को उनके लंबे राजनीतिक करियर और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान की मान्यता के रूप में देखा जाता है।
नंदकिशोर यादव भाजपा के टिकट पर पटना साहिब निर्वाचन क्षेत्र से सात बार विधायक चुने गए हैं, जिसे पहले पटना पश्चिम विधानसभा सीट के नाम से जाना जाता था।