लिसा रे की कलम का कमाल: 'उलझी जिंदगी में सिर्फ कविताएं देती हैं सहारा', आ रही है नई किताब

जब जीवन उलझा हो, तो शब्द ही जमीन देते हैं : लिसा रे


मुंबई, 13 मार्च। कनाडाई-भारतीय अभिनेत्री लिसा रे अक्सर सोशल मीडिया के जरिए कई मुद्दों पर अपनी राय रखती रहती हैं। शुक्रवार को उन्होंने एक खास नोट के जरिए बताया कि अभी वे अपनी आगामी कविताओं की एक किताब पर काम कर रही हैं।

अभिनेत्री ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक नोट शेयर किया। इस नोट में उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर उन्होंने एक ऐसी शांत जगह बनाई थी, जहां वे अपनी कविताएं शेयर कर सकें। अभिनेत्री ने लिखा, "मेरे लिए शब्द हमेशा से सहारा रहे हैं, जब जीवन उलझा हुआ लगता है, तो केवल भाषा ही मुझे स्थिर जमीन देती है। मैं अब धीरे-धीरे, निजी तौर पर कविताओं की एक किताब पर काम कर रही हूं और अब लगता है कि इस हिस्से को सभी के सामने लाने का समय आ गया है।"

अभिनेत्री ने आगे लिखा कि अंधेरे में लोग गीत गाते हैं, कला बनाते हैं और भाषा की मदद से उस भार को संभालते हैं, जो अकेले उठाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। उन्होंने लिखा, "मेरे दूसरे घर दुबई में हाल की घटनाओं को देखना बहुत कठिन रहा। यूएई के नागरिक अपेक्षाकृत सुरक्षित हैं और वहां की नेतृत्व व्यवस्था अच्छी है, लेकिन अनिश्चितता, दोस्तों के संदेश और सबके सांस रोककर इंतजार करना बहुत भारी पड़ रहा है।"

बता दें कि अपनी पोस्ट में लिसा ने एक कविता भी शेयर की, जो सुबह-सुबह उनके मन में आई। वहीं, अभिनेत्री ने बिना किसी बदलाव के इसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया। अभिनेत्री ने बताया कि ये कविता खासतौर पर उन लोगों के लिए है, जो अस्थिर परिस्थितियों में जी रहे हैं।

अभिनेत्री ने लिखा, "मेरे पति का पालन-पोषण लेबनान में हुआ, जहां ऊपर से मिसाइलें गिरती रहती थीं। यह कविता उनके साहस, परिवार की दृढ़ता और दुनियाभर के उन परिवारों के लिए है, जिनकी सामान्य जिंदगी में सायरन की आवाज हमेशा शामिल रही है।

लिसा ने कविता की एक खास पंक्ति सभी के साथ शेयर की। उन्होंने लिखा, "जब आप पंखुड़ियों की ओर हाथ बढ़ाते हैं और सिर गायब होता है।"

अभिनेत्री ने बताया कि ये पंक्ति उनकी बहन के आने वाले उपन्यास 'द फर्स्ट हाउस' से प्रेरित है। अभिनेत्री ने लिखा, "कला एक-दूसरे से जुड़ती है और हम दूसरे के शब्दों से साहस लेते हैं।

अंत में उन्होंने संदेश देते हुए लिखा, "अगर समय अनिश्चितताओं से भरा है, तो इसका जवाब सृजन से दें, सहानुभूति से दें, और आवाज उठाकर दें।

लिसा रे ने बताया कि उनकी कविता की किताब जल्द ही रिलीज होने वाली है। उन्होंने लोगों से इसे प्री-ऑर्डर करने की अपील की और कहा कि वे मानती हैं यह साल की सबसे चर्चित किताबों में से एक होगी।
 

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