जयपुर, 13 मार्च। राजस्थान-गुजरात सीमा पर शुक्रवार सुबह एक निजी बस में भीषण आग लग गई, जिससे एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया और यात्री सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई। अन्य यात्रियों को तेजी से सुरक्षित निकाला गया, जिससे कोई बड़ी त्रासदी टल गई।
रिपोर्ट के अनुसार, नचना और अहमदाबाद को जोड़ने वाली हाल ही में शुरू की गई एक निजी बस सेवा शुक्रवार सुबह बड़ी दुर्घटना से बाल-बाल बच गई। बस केवल अपने तीसरे दिन ही परिचालन में थी जब धनेरा के पास नेनावा क्षेत्र में इसके एसी यूनिट में शॉर्ट सर्किट हो गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जहरीली धुआं जल्द ही बस के अंदर फैल गया और कुछ ही क्षणों में आग फैल गई, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। चालक और कंडक्टर की तत्परता के कारण सभी यात्रियों को तुरंत वाहन से निकाला गया।
हालांकि, इस अफरातफरी के बीच एक यात्री चोट लगने व जलने से घायल हो गया और उसे तुरंत धनेरा के अस्पताल में भर्ती कराया गया। आग इतनी तीव्र थी कि बस मिनटों में गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई।
स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का मूल्यांकन किया। घायल यात्री को धनेरा में प्राथमिक उपचार के बाद पलानपुर रेफर किया गया।
डॉक्टरों के अनुसार, यात्री की स्थिति गंभीर है। कई अन्य यात्रियों को हल्की चोटें आईं और उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
स्वागत ट्रैवल्स के ऑपरेटर निर्मल रायानी ने कहा कि नचना और अहमदाबाद के बीच बस सेवा हाल ही में शुरू की गई थी। आग इतनी तेजी से फैल गई कि यात्रियों का सामान, महत्वपूर्ण दस्तावेज और मोबाइल फोन पूरी तरह जल गए, जिससे परिवारों से संपर्क करना मुश्किल हो गया।
रायानी ने कहा, “जैसे ही हमें दुर्घटना की खबर मिली, हमने तुरंत अपनी टीम को मौके पर भेजा। हमारी प्राथमिकता अभी यात्रियों से संपर्क स्थापित करना और उनके परिवारों को सूचित करना है।”
इस हादसे से यह स्पष्ट होता है कि जुगाड़ तरीके से फिट किए गए एसी सिस्टम वाली बसें अभी भी सड़कों पर चल रही हैं। परिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि बस निर्माण और एसी इंस्टॉलेशन के दौरान गैर-मानक वायरिंग का उपयोग और कार्यशील आपातकालीन निकास की अनुपस्थिति, ऐसे हादसों को “चलते हुए ताबूत” में बदल सकते हैं।