मणिपुर में दो लापता कुकी लोगों की मिलीं लाशें, इलाके में गहराया तनाव; NIA को सौंपी गई जांच

मणिपुर में लापता दो लोगों की मिलीं लाशें, मामला एनआईए को सौंपा गया


इंफाल, 12 मार्च। मणिपुर के कामजोंग जिले में लापता हुए कुकी समुदाय के दो लोगों के शव गुरुवार को बरामद किए गए, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।

मृतकों की पहचान उखरुल जिले के शांगकाई गांव निवासी 35 वर्षीय थांगबोइमांग खोंगसाई और कामजोंग जिले के पास स्थित धवई कुकी गांव के 40 वर्षीय थेंगिन बाइट के रूप में हुई है।

दोनों व्यक्ति बुधवार को पहाड़ी इलाके में पानी की आपूर्ति से जुड़ी पाइपलाइन की मरम्मत के लिए गए थे, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटे। बाद में ग्रामीणों और सुरक्षाकर्मियों द्वारा की गई तलाश के दौरान उनके शव एक-दूसरे से कुछ दूरी पर बरामद किए गए।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह घटना उस समय सामने आई जब उखरुल जिले के शांगकाई में ग्रामीणों और सशस्त्र लोगों द्वारा हिरासत में लिए गए 21 नागा नागरिकों को गुरुवार को रिहा किया गया था।

इन नागरिकों की रिहाई के कुछ ही घंटों बाद दोनों शवों के मिलने से इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। बताया गया है कि बुधवार दोपहर उखरुल-इम्फाल मार्ग पर तीन वाहनों में यात्रा कर रहे तंगखुल नागा समुदाय के 21 लोगों को शांगकाई में कुकी गांव के ग्रामीणों और कुछ सशस्त्र व्यक्तियों ने रोककर हिरासत में ले लिया था।

मणिपुर सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए घटना की जांच राष्ट्रीय स्तर की एजेंसी को सौंपने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने मणिपुर विधानसभा में घोषणा करते हुए कहा कि थवाई कुकी गांव में दो व्यक्तियों की मौत के मामले की गहन और निष्पक्ष जांच के लिए इसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपा जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी मानदंडों के अनुसार मृतकों के परिजनों को अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार न्याय सुनिश्चित करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और कानून के शासन को कायम रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

घटना के बाद उखरुल जिले के मोंगकोट चेपु क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। शव बरामद होने के तुरंत बाद गुस्साए लोगों की भीड़ ने पुलिस वाहनों को निशाना बनाया, जिसमें एक वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।

वहीं, शांगकाई गांव के आक्रोशित ग्रामीणों ने हत्या के विरोध में उखरुल-इम्फाल राजमार्ग को पत्थरों और चट्टानों से जाम कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।

इधर, राज्य सरकार के अधिकारियों और नागा तथा कुकी-जो समुदाय के नागरिक समाज संगठनों के नेताओं के बीच लंबी बातचीत और विचार-विमर्श के बाद गुरुवार तड़के हिरासत में लिए गए सभी 21 नागा नागरिकों को रिहा कर दिया गया।

रिहाई के बाद उन्हें लिटान पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें उनके परिजनों से मिला दिया गया।

हालांकि, तांगखुल नागा बहुल उखरुल जिले में विशेषकर कुकी बहुल कांगपोकपी जिले से सटे इलाकों में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी और क्षेत्र नियंत्रण अभियान तेज कर दिया है तथा संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
 

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