नई दिल्ली, 12 मार्च। भारत ने पाकिस्तान के उस दावे की कड़ी आलोचना की, जिसमें उसने कहा था कि अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा (डूरंड लाइन) पर चल रहे संघर्ष में भारत का हाथ है। भारत ने कहा कि सीमा पार आतंकवाद के मामले में पाकिस्तान की कोई विश्वसनीयता नहीं है। पाकिस्तान कई दशकों से आतंकवाद को समर्थन देने वाला देश रहा है।
भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान का यह आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है और अब पाकिस्तान के लिए अपनी गलतियों का दोष भारत पर डालना आम बात हो गई है।
उन्होंने कहा, “हम इन झूठे आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हैं। पाकिस्तान को अपनी गलतियों के लिए भारत को दोष देना आदत बन गई है। कोई भी उसकी झूठी कहानी से अब धोखा नहीं खा रहा।”
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हालिया संघर्ष तब शुरू हुआ जब 27 फरवरी को अफगानिस्तान बलों ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। यह कार्रवाई पाकिस्तान की ओर से 21 फरवरी को अफगान क्षेत्र में की गई सैन्य कार्रवाई के बाद की गई थी।
इसके बाद पाकिस्तान ने जवाब में 'ऑपरेशन गजब लिल-हक' नाम का सैन्य अभियान शुरू किया और कहा कि यह अफगान सेना की बिना उकसावे की गोलीबारी के जवाब में था।
इस सप्ताह की शुरुआत में भारत ने पाकिस्तान के अफगानिस्तान पर हवाई हमलों की भी कड़ी निंदा की। भारत ने कहा कि रमजान के महीने में ऐसे हमले करना और साथ ही इस्लामी एकता की बात करना पाखंड है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने यूएन सुरक्षा परिषद में कहा, "एक तरफ अंतरराष्ट्रीय कानून और इस्लामिक एकजुटता के ऊंचे सिद्धांतों की बात करना और दूसरी तरफ रमजान के पवित्र महीने में बेरहमी से हवाई हमला करना दिखावटी है।" उन्होंने कहा, "6 मार्च 2026 तक इन हमलों में 185 बेगुनाह लोग मारे गए हैं, जिनमें से लगभग 55 प्रतिशत महिलाएं और बच्चे हैं।"
उन्होंने कहा, "भारत अफगान इलाके में हवाई हमलों की कड़ी निंदा करता है, जो इंटरनेशनल कानून और यूएन चार्टर और देश की संप्रभुता के सिद्धांत का खुला उल्लंघन है।"
अफगानिस्तान पर काउंसिल की ब्रीफिंग में बोलते हुए हरीश ने पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, लेकिन डिप्लोमैटिक तरीके से कही गई बातें साफ थीं कि वे किसके खिलाफ थीं।
पाकिस्तान ने दावा किया कि वह अफगानिस्तान पर हमला कर रहा था, क्योंकि वह अपने इलाके से आतंकवादियों को काम करने दे रहा था।
हालांकि, हरीश ने बताया कि यह इस्लामाबाद था, जो पड़ोसियों पर हमला करने के लिए आतंकवादी ग्रुप्स का इस्तेमाल प्रॉक्सी के तौर पर कर रहा था।