गुजरात में खुलेंगे 'नमो स्वदेशी अर्बन मॉल', स्थानीय उत्पादों और कारीगरों की चमकेगी किस्मत

गुजरात के चार शहरों में बनेंगे 'नमो स्वदेशी अर्बन मॉल', स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार


गांधीनगर, 12 मार्च। गुजरात सरकार ने स्वदेशी उत्पादों के बाजार को बढ़ावा देने और स्थानीय कारीगरों और छोटे कारोबारियों को स्थायी मंच देने के लिए एक नई पहल की घोषणा की है। इसके तहत राज्य के चार बड़े शहरों (अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट) में 'नमो स्वदेशी अर्बन मॉल' स्थापित किए जाएंगे।

गुरुवार को राज्य सरकार ने बताया कि यह मॉल गुजरात शहरी आजीविका मिशन (जीयूएलएम) के तहत बनाए जाएंगे। इनका उद्देश्य शहरों में ऐसे स्थायी बाजार तैयार करना है जहां स्थानीय स्तर पर बने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच सकें।

इस परियोजना को राज्य के शहरी विकास और शहरी आवास विभाग द्वारा लागू किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इससे शहरों में आजीविका के अवसर बढ़ेंगे और स्वदेशी उत्पादों की बिक्री को मजबूत आधार मिलेगा।

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, इन मॉल में आधुनिक और व्यवस्थित रिटेल स्पेस तैयार किए जाएंगे, जहां कारीगर, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं, स्ट्रीट वेंडर और छोटे उद्योग अपने उत्पादों को प्रदर्शित कर सकेंगे और सीधे ग्राहकों को बेच सकेंगे।

यह पहल गुजरात में पहले आयोजित किए गए स्वदेशी मेलों के अनुभव पर आधारित है। राज्य के अर्बन डेवलपमेंट ईयर 2025-26 के दौरान 16 नगर निगमों में प्लास्टिक-मुक्त स्वदेशी उत्सव के तहत ऐसे मेले आयोजित किए गए थे। इन आयोजनों ने कारीगरों, दुकानदारों और छोटे व्यापारियों को अस्थायी रूप से अपने स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित करने और शहरी ग्राहकों तक पहुंचने का मौका दिया था।

अधिकारियों का कहना है कि अब उसी मॉडल को स्थायी रूप देने के लिए 'नमो स्वदेशी अर्बन मॉल' बनाए जा रहे हैं, ताकि उत्पादकों को पूरे साल एक स्थिर बाजार उपलब्ध हो सके।

राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वदेशी उत्पादों और घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई अभियान चला रहे हैं। इनमें मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और हर घर स्वदेशी जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।

राज्य सरकार का कहना है कि नए अर्बन मॉल इन अभियानों के अनुरूप हैं और नागरिकों को स्थानीय स्तर पर बने उत्पाद खरीदने के लिए प्रेरित करेंगे।

अधिकारियों के अनुसार इन मॉल में ग्राहकों को एक ही जगह पर विभिन्न प्रकार के स्वदेशी उत्पाद मिल सकेंगे और इससे खरीदारों और उत्पादकों के बीच सीधा संपर्क भी स्थापित होगा।

सिर्फ नियमित बिक्री ही नहीं, बल्कि इन मॉल में समय-समय पर मेले और प्रदर्शनियां भी आयोजित की जा सकती हैं, जिनमें स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्यमों के उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा।

राज्य सरकार ने इस वर्ष के बजट में 'नमो स्वदेशी अर्बन मॉल' की स्थापना और भविष्य के स्वदेशी मेलों के आयोजन के लिए 45 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।

सरकार का मानना है कि यह परियोजना कारीगरों, महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों और स्ट्रीट वेंडरों के लिए नए विपणन अवसर पैदा करेगी और गुजरात के प्रमुख शहरों में स्वदेशी उत्पादों की बिक्री को मजबूत करेगी।
 

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