अमरावती, 12 मार्च। आंध्र प्रदेश के राजमुन्द्री शहर में दूध में मिलावट के कारण मृतकों की संख्या 13 हो गई है। वहीं, एक और व्यक्ति गंभीर गुर्दा विफलता के कारण अस्पताल में निधन हो गया।
आंध्र प्रदेश के राजमुंद्री में दूध में मिलावट के मामले में मृतकों की संख्या 13 हो गई है, क्योंकि एक और बंडारू वीरालक्ष्मी(60) का अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया।
शहर के स्वरूपनगर इलाके की महिला को 16 फरवरी को गंभीर गुर्दा विफलता के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था जब उन्होंने कथित रूप से मिलावटी दूध का सेवन किया था।
तीन शिशुओं समेत सात लोग अब भी गंभीर गुर्दा विफलता से जूझ रहे हैं। चौडेस्वरणगर और स्वरूपनगर के रहने वाले लोग एक ही विक्रेता द्वारा सप्लाई किए गए मिलावटी दूध का सेवन करने के बाद बीमार पड़ गए।
पूर्वी गोदावरी जिला कलेक्टर कृथि चेकुरी के अनुसार 20 लोग एथिलीन ग्लाइकोल वाला मिलावटी दूध पीने के बाद गंभीर गुर्दा विफलता का शिकार हुए।
कलेक्टर ने कहा कि 16 फरवरी को मिलावटी दूध पीने वाले कुछ लोग मूत्र अवरोध और गुर्दे संबंधी समस्याओं के कारण विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हुए थे।
यह मामला तब उजागर हुआ जब 22 फरवरी को ताडी कृष्णावेनी (76) का इलाज के दौरान काकिनाडा सरकारी अस्पताल में निधन हो गया। मृतक के बेटे की रिपोर्ट के आधार पर, राजमुंद्री टाउन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया।
जांच के तहत पीड़ितों के रक्त नमूने, मिलावटी दूध व दही और नरसापुरम में वरालक्ष्मी मिल्क सेंटर द्वारा संचालित दूध केंद्र का दूध, फ्रीजर और अन्य सामग्री फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी, रीजनल फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी और अन्य लैबों में भेजी गई।
कलेक्टर के अनुसार जांच में पाया गया कि गणेश्वर राव (37) ने नरसापुरम गांव के 43 किसानों से दूध इकट्ठा किया और अपने घर में दो कंटेनरों वाले फ्रीजर में स्टोर किया। बाद में इसे कैन में डालकर चौडेस्वरणगर और स्वरूपनगर के लोगों को सप्लाई किया।
ग्राहकों ने दूध के कड़वे स्वाद की शिकायत की तो विक्रेता ने देखा कि फ्रीजर में लीकेज हो रही है और इसे शहर की एक वर्कशॉप में मरम्मत करवाया।
एफएसएल और आरएफएसएल लैबों की पांच रिपोर्टों व फॉरेंसिक के असिस्टेंट प्रोफेसर के अनुसार, मृतकों का निधन मिलावटी दूध में मौजूद विषैले एथिलीन ग्लाइकोल पीने के कारण गंभीर गुर्दा विफलता के चलते हुआ। आरोपी गणेश्वर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में भेजा गया है।