होर्मुज हमले पर भारत की दो टूक चेतावनी: व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं, निर्दोषों का जीवन खतरे में

व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना उच‍ित नहीं, होर्मुज हमले पर भारत ने उठाई आवाज


नई दिल्ली, 11 मार्च। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। भारत के विदेश मंत्रालय ने 11 मार्च को होर्मुज जलडमरूमध्य में थाई जहाज मयूरी नारे पर हुए हमले की खबरों पर गहरी चिंता जताई है।

मंत्रालय ने कहा कि बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में थाई जहाज मयूरी नारे पर हुए हमले की खबरों की जानकारी मिली है। यह जहाज भारत के कांडला बंदरगाह के लिए जा रहा था।

मंत्रालय ने इस बात पर गहरी चिंता जताई है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान व्यावसायिक जहाजों को सैन्य हमलों का निशाना बनाया जा रहा है।

मंत्रालय ने कहा कि इस संघर्ष के पहले चरण में हुए कई हमलों में भारतीय नागरिकों सहित कई लोगों की जान जा चुकी है, और अब इन हमलों की तीव्रता और घातकता बढ़ती हुई दिखाई दे रही है।

भारत ने दोहराया है कि व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना, निर्दोष नागरिक चालक दल के सदस्यों को खतरे में डालना या समुद्री मार्गों पर आवाजाही और व्यापार की स्वतंत्रता में बाधा डालना उच‍ित नहीं है।

तस्वीरों में थाई-रजिस्टर्ड मयूरी नारी से भारी काला धुआं निकलता हुआ दिख रहा है, और पानी में लाइफ राफ्ट तैरते देखे जा सकते हैं। नेवी ने एक बयान में कहा कि संयुक्त अरब अमीरात में खलीफा पोर्ट से निकलने के बाद जहाज पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते समय हमला हुआ।

उन्होंने आगे कहा, "हमले की खास जानकारी और कारण की अभी जांच की जा रही है।" ओमानी नेवी ने 20 नाविकों को बचाया था और बाकी तीन क्रू मेंबर्स को बचाने की कोशिशें अभी चल रही हैं।

मैरीटाइम एजेंसियों और सिक्योरिटी सूत्रों के अनुसार, जहाज पर एक प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। ओमान के पास चल रहे इस जहाज को प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया, जिसके बाद थाई बचाव अभियान शुरू किया गया।

अधिकारियों के मुताबिक, थाई झंडे वाला बल्क कैरियर मयूरी नारी ओमान के उत्तर में करीब 11 नॉटिकल मील (करीब 18 किमी) दूर यात्रा कर रहा था, तभी उस पर हमला हुआ।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि बुधवार को ही मिडिल ईस्ट में व्यापारी जहाज पर हुए हमले में दो भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि एक लापता बताया जा रहा है। इस दुखद घटना के अलावा इजरायल और दुबई में भी भारतीय नागरिक घायल हुए हैं, जिनका उपचार जारी है। भारतीय दूतावास लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और पीड़ितों के परिवारों को हर संभव जानकारी और मदद मुहैया कराई जा रही है।

जायसवाल ने कहा कि भारत सरकार खाड़ी क्षेत्र में रह रहे भारतीयों के कल्याण और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

जायसवाल ने बताया कि ईरान को लेकर भी भारत चिंतित है, क्योंकि वहां पर हमारे नौ हजार लोग फंसे हैं। कुछ ने पहले हमारी एडवाइजरी पर ध्यान दिया और स्वदेश लौटे, लेकिन कई अभी भी वहीं हैं, और उनसे दूतावास संपर्क साध रहा है। लोग ईरान के अलग-अलग हिस्सों में हैं, जिनसे दूतावास संपर्क साध रहा है। कुछ लोगों ने जमीनी मार्ग से बॉर्डर क्रॉस करने की इच्छा जताई है। वे लोग यहां से पड़ोसी देशों अर्मेनिया और अजरबैजान पहुंचकर फ्लाइट्स लेना चाहते हैं।

विदेश मंत्रालय ने खाड़ी देशों और इजरायल में स्थित सभी भारतीय दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को 24X7 सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, ताकि संकट में फंसे भारतीय तुरंत संपर्क कर सकें।
 

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