जोधपुर, 11 मार्च। भारतीय वायुसेना ने साल 2024 में अपने सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय वायु सैन्य अभ्यास ‘तरंग शक्ति’ की शुरुआत की थी। उसी कड़ी में साल 2026 में ‘तरंग शक्ति’ के दूसरे संस्करण का आयोजन किया जा रहा है।
रक्षा अधिकारियों के मुताबिक इस साल यह अभ्यास राजस्थान के जोधपुर में आयोजित किया जाएगा। सितंबर-अक्टूबर के दौरान पाकिस्तान सीमा के करीब दुनिया भर के मित्र देशों के फाइटर जेट भारतीय वायुसेना के जेट विमानों के साथ संयुक्त अभ्यास करेंगे। यह अंतरराष्ट्रीय अभ्यास लगभग दो सप्ताह तक चलेगा।
तरंग शक्ति का पहला संस्करण दो अलग-अलग चरणों में आयोजित किया गया था। पहला चरण तमिलनाडु के सुलूर एयरबेस में और दूसरा चरण राजस्थान के जोधपुर में आयोजित हुआ था।
तरंग शक्ति 2024 की शुरुआत सुलूर में 6 अगस्त से हुई थी। पहला चरण 6 अगस्त से 14 अगस्त तक सुलूर में आयोजित किया गया, जिसमें फ्रांस के रफाल, जर्मनी, स्पेन और ब्रिटेन के यूरोफाइटर टाइफून फाइटर जेट शामिल हुए थे। वहीं, भारतीय वायुसेना के लगभग सभी प्रमुख प्लेटफॉर्म रफाल, सुखोई, मिराज, जैगुआर, तेजस, मिग-29 और प्रचंड ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया था।
दूसरा चरण जोधपुर में 29 अगस्त से शुरू हुआ था और 14 सितंबर तक चला था। इस चरण में मित्र देशों की ओर से ऑस्ट्रेलिया का ईए-18जी, ग्रीस का एफ-16, यूएई का एफ-16 और अमेरिका के ए-10 तथा एफ-16 सहित कुल 27 फाइटर एयरक्राफ्ट शामिल हुए थे। इसके अलावा 2 रीफ्यूलर टैंकर, 2 एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम और 3 स्पेशल फोर्स के एयरक्राफ्ट भी इस अभ्यास का हिस्सा बने थे।
इस दौरान सबकी नजरें खास तौर पर अमेरिका के ए-10 और ऑस्ट्रेलिया के ईए-18जी विमान पर टिकी थीं। तरंग शक्ति 2024 के दौरान पहली बार देश की थलसेना, वायुसेना और नौसेना के वाइस चीफ ने एक साथ स्वदेशी फाइटर एयरक्राफ्ट तेजस में उड़ान भरी थी। मौजूदा वायुसेना प्रमुख और उस समय के भारतीय वायुसेना के वाइस चीफ एयर मार्शल एपी सिंह तेजस फाइटर को उड़ाते हुए इस फॉर्मेशन का नेतृत्व कर रहे थे।
इसके अलावा फ्रांस और जर्मनी के वायुसेना प्रमुखों ने भी तेजस में उड़ान भरी थी, जबकि स्पेन के वायुसेना प्रमुख ने सुखोई एसयू-30एमकेआई में उड़ान भरी थी।