पटना, 11 मार्च। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का धरना प्रदर्शन खत्म हो गया है। बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि उनका बेवजह का धरना था, इसे खत्म होना ही था। सवाल यह है कि अगर सीएम ममता को कोर्ट से उनके अनुसार जजमेंट नहीं मिला तो वे फिर कोर्ट पर भी सवाल खड़े कर देंगी।
पटना में मंत्री दीपक प्रकाश ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अगर सीएम ममता बनर्जी को न्यायालय से भी उनके हिसाब से जजमेंट नहीं मिलेगा तो वे न्यायालय पर भी सवाल खड़े कर देंगी। एसआईआर मुद्दे पर सुनवाई हुई है, जहां कमी पाई गई है, सुनवाई का मौका दिया गया है। एसईआईआर को लेकर सीएम ममता बनर्जी माहौल बना रही हैं, लेकिन उन्हें इसका लाभ नहीं मिलने वाला है। बिहार में भी एसआईआर को लेकर विपक्ष ने मुद्दा बनाया, लेकिन जनता ने बनने नहीं दिया। बिहार में एनडीए को भारी जनादेश मिला था।
एलपीजी संकट पर उन्होंने कहा कि एलपीजी को लेकर सरकार कदम उठा रही है, अन्य स्रोतों से भी एलपीजी उपलब्ध हो पाए, इस पर सरकार ध्यान दे रही है। एलपीजी की कोई कमी नहीं रहेगी।
जदयू में निशांत कुमार की एंट्री को लेकर मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि उन्हें मेरी ओर से शुभकामनएं। सीएम नीतीश कुमार अपने 20 साल के कार्यकाल में बिहार को विकास की ओर ले गए हैं। निशांत कुमार युवा हैं, वे राजनीति में आए हैं। ऐसे युवाओं के आने से लोकतंत्र और राजनीति मजबूत होती है।
राज्यसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि पांचों राज्यसभा सीटों पर एनडीए जीत हासिल करेगा। गठबंधन के सभी दल एकजुट हैं और मुझे पूर्ण भरोसा है कि पांच सीटों पर एनडीए की जीत होगी।
बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने धरना खत्म कर पूर्व राज्यपाल डॉ सीवी आनंद बोस से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि बोस को उनके भविष्य के कार्यों के लिए शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने लिखा, "धर्मतला में हमारे पांच दिन के धरने के खत्म होने के बाद मैंने कल जाने से पहले पश्चिम बंगाल के पूर्व गवर्नर सीवी आनंद बोस से पर्सनली मिलने के लिए थोड़ा समय निकाला।"
उन्होंने आगे लिखा, "डॉ. बोस एक जानकार और जाने-माने इंसान हैं, और उनके कार्यकाल के दौरान मुझे हमारे राज्य और इसके लोगों की भलाई और तरक्की से जुड़े मामलों पर उनसे बात करने का मौका मिला। मैंने हमेशा इन बातचीत को अहमियत दी है। मैं डॉ. बोस को उनके आगे के सभी कामों के लिए अपनी शुभकामनाएं देती हूं। मुझे यकीन है कि अपनी समझदारी और अनुभव से वे आने वाले दिनों में भी जो भी जिम्मेदारी लेंगे, उसे पूरा करेंगे।"