नई दिल्ली, 11 मार्च। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार एक नेता की तरह हो गए हैं। फिलहाल तो चुनाव आयोग का कोई अस्तित्व ही नहीं दिखता। चुनाव आयोग किसी खास पार्टी के समर्थक जैसा बन गया है। उन्होंने इस पद की मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों को खत्म कर दिया है। चुनाव आयोग के खिलाफ सबसे पहले महाभियोग लाना चाहिए।
पप्पू यादव ने कहा कि हमारा देश संविधान पर चलता है। सभी संस्थाओं को संविधान द्वारा निर्धारित सीमाओं के भीतर ही कार्य करना चाहिए। कोई भी महाशक्ति नहीं है और सभी को सभी संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए। संविधान ने सभी प्रकार के विचारों, सभी प्रकार की स्वतंत्रताओं का सम्मान किया है और व्यक्तियों को जीने की स्वतंत्रता भी दी है।
उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से, समय-समय पर, संविधान के तहत सदन और विधायिका को इस देश को सुंदर बनाने की प्रक्रिया पर बहस करने और उसे मजबूत करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि हम इसके पक्षधर हैं। हम सबसे बड़ा पक्षधर संविधान की मर्यादाओं और उनके नैतिक मुल्यों को रखें। सभी तरह के वर्ग, समूह, लिंग, भाषा, क्षेत्र और उनकी धार्मिक अभिव्यक्ति की आजादी को सुरक्षित रखें।
बता दें कि पप्पू यादव ने 8 मार्च रविवार को निशांत कुमार को लेकर कहा था कि अगर निशांत कुमार राजनीति में आते हैं तो वह जेडीयू को एकजुट रखेंगे और नीतीश कुमार की विरासत को बरकरार रखेंगे। उन्होंने कहा कि जदयू के नेतृत्व के लिए निशांत कुमार को बहुत पहले ले आना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सवाल जदयू या उसके कार्यकर्ताओं का नहीं है।
पप्पू यादव ने कहा था कि सवाल है कि नीतीश कुमार के प्रति बिहार की जनता का अटूट विश्वास रहा है। एसे में उनका इतनी जल्दी निर्णय लेना या फिर बिहार छोड़ना, ये बिहार के लोगों की पसंद नहीं हो सकती। नीतीश कुमार आज भी बिहार की जनता की पसंद है। निशांत कुमार देर आए लेकिन दुरुस्त आए। मुझे उम्मीद है कि जनता दल युनाइटेड के प्रति लोगों का विश्वास को बनाए रखने में और नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को संजोए रखने में निशांत सफल होंगे।