मलप्पुरम, 11 मार्च। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) केरल राज्य समिति सदस्य और वरिष्ठ नेता ई.एन. मोहनदास (74) का निधन हो गया। स्ट्रोक के बाद पेरिनथलमान्ना के ईएमएस अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। मलप्पुरम नगरपालिका टाउन हॉल में सार्वजनिक दर्शन के बाद उनका पार्थिव शरीर मंजरी मेडिकल कॉलेज को सौंप दिया जाएगा।
ई.एन. मोहनदास दो बार सीपीआईएम के मलप्पुरम जिला सचिव रह चुके थे और पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों में एक प्रमुख व्यक्ति थे। उन्होंने देशभिमानी मलप्पुरम इकाई के प्रबंधक और मलप्पुरम स्थित ईएमएस अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र के सचिव के रूप में भी उल्लेखनीय सेवाएं दीं। जिले में पार्टी और जनजीवन में उनके योगदान को व्यापक रूप से सराहा गया।
15 सितंबर, 1951 को इंडियनूर एडयट्टू में नेदुमपुरम वेलुनैयर और परुकुट्टी अम्मा के घर जन्मे ई.एन. मोहनदास ने छात्र और युवा आंदोलन के माध्यम से सार्वजनिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने सीपीएम इंडियनूर शाखा सचिव, कोट्टक्कल स्थानीय सचिव, मलप्पुरम क्षेत्र सचिव और एरनाड तालुक समिति सदस्य के रूप में कार्य किया।
बता दें कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) भारत की प्रमुख वामपंथी राजनीतिक पार्टियों में से एक है। 1964 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी में वैचारिक मतभेद के कारण विभाजन हुआ था। ई.एम.एस. नंबूदरीपाद, ज्योति बसु, हरकिशन सिंह सुरजीत, प्रकाश करात जैसे नेता इस पार्टी के पदाधिकारी रहे हैं। सीताराम येचुरी 2015 से महासचिव हैं।
पश्चिम बंगाल में 34 वर्षों का शासन विश्व में लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई कम्युनिस्ट-नेतृत्व वाली सबसे लंबी सरकार का इतिहास है। 2004 के राष्ट्रीय चुनावों में यह संसद की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। वर्तमान में सीपीआईएम दो राज्यों में सत्तारूढ़ गठबंधनों का हिस्सा है।
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सीपीआई को भारी समर्थन मिला। इस पार्टी तेलंगाना , त्रिपुरा और केरल में सशस्त्र विद्रोहों का नेतृत्व भी किया था। हालांकि, इसने जल्द ही सशस्त्र क्रांति की रणनीति को त्यागकर संसद के ढांचे के भीतर काम करने का रुख अपनाया।