भस्म आरती में साकार हुए बाबा महाकाल, दिव्य शृंगार और अभिषेक के लिए उमड़ा भक्तों का सैलाब

बाबा महाकाल का भस्म स्नान और पंचामृत अभिषेक, दर्शन के लिए लगी लंबी कतारें


उज्जैन, 11 मार्च। चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि बुधवार को विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल का दिव्य शृंगार किया गया। इसे देखने के लिए भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगी थीं। देश-विदेश से आए श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन और उनके विशेष शृंगार को देखने के लिए उत्सुक दिखे।

सुबह 4 बजे की प्रसिद्ध भस्म आरती के समय मंदिर परिसर पूरी तरह से भक्तों से भर गया था। पूरा परिसर 'जय महाकाल' के जयकारों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति और आस्था साफ दिखाई दे रही थी।

मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर मंदिर में सुबह की भस्म आरती महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा की जाती है। इस आरती में महाकाल भक्तों को निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। वहीं, भस्म आरती होने के बाद बाबा का जलाभिषेक किया गया, पंचामृत से पूजा हुई, और पवित्र भस्म से उनका विशेष स्नान भी कराया गया।

अभिषेक के बाद भस्म आरती का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें बाबा को भस्म चढ़ाई गई और आरती उतारी गई। इसके बाद बाबा का विशेष शृंगार किया गया, जिसमें महाकाल का मुखारविंद (कमल के समान सुंदर मुख) बहुत सुंदर तरीके से सजाया गया। बाबा के माथे पर स्पष्ट त्रिपुंड व माथे पर चंद्रमा सुसज्जित किया गया और नवीन मुकुट पहनाकर बाबा को फूलों की माला पहनाई गई। साथ ही ताजा बिल्वपत्र (बेलपत्र) चढ़ाए गए और रंग-बिरंगे फूलों की मालाओं से पूरे शृंगार को और भी आकर्षक बनाया गया। यह नजारा देखकर हर किसी का मन प्रसन्न हो गया।

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और इसे बहुत खास माना जाता है। यह दुनिया का एकमात्र दक्षिणमुखी स्वयंभू शिवलिंग है।

भगवान शिव यहां 'कालों के काल महाकाल' के रूप में विराजमान हैं। महाकाल के दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। मंदिर की वास्तुकला में कई शैलियों का भव्य संगम देखने को मिलता है। यहां ब्रह्म मुहूर्त में होने वाली अलौकिक भस्म आरती के दर्शन हेतु देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं।
 

Similar threads

Latest Replies

Forum statistics

Threads
15,538
Messages
15,575
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top