114 राफेल डील में 24 F5 फाइटर जेट्स और मौजूदा IAF फ्लीट का F4 अपग्रेड शामिल, फ्रेंच मीडिया का बड़ा दावा

114 राफेल डील में 24 F5 फाइटर जेट्स और मौजूदा IAF फ्लीट का F4 अपग्रेड शामिल, फ्रेंच मीडिया का बड़ा दावा


भारतीय वायु सेना (IAF) और राफेल विमानों को लेकर फ्रांस से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। अगर आप डिफेंस की खबरों पर नज़र रखते हैं, तो आपको पता होगा कि भारतीय वायु सेना 114 नए फाइटर जेट्स (MRFA टेंडर) खरीदने की योजना बना रही है।

अब फ्रेंच डिफेंस पोर्टल avionslegendaires.net ने एक बड़ा दावा किया है कि भारत और फ्रांस के बीच यह डील सिर्फ नए विमान खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक "सुपर पैकेज" होने वाला है।

इस रिपोर्ट के अनुसार, इस डील में न केवल नए राफेल खरीदे जाएंगे, बल्कि भारत के मौजूदा राफेल बेड़े को भी दुनिया के सबसे आधुनिक स्तर पर अपग्रेड किया जाएगा। आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि यह पूरी खबर क्या है और राफेल के F4 और F5 स्टैण्डर्ड भारतीय वायु सेना को कैसे 'अजेय' बना देंगे।

क्या है फ्रेंच मीडिया का दावा?​

फ्रेंच रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और फ्रांस के बीच जिस पैकेज पर बात चल रही है, उसके तीन मुख्य हिस्से हो सकते हैं:
  1. मौजूदा राफेल का अपग्रेड: भारतीय वायु सेना के पास अभी जो राफेल (F3R स्टैण्डर्ड) हैं, उनमें से 35 विमानों को F4 स्टैण्डर्ड में अपग्रेड किया जाएगा। इसका मतलब है कि हमारे पुराने राफेल भी एकदम नए राफेल जैसे ताकतवर हो जाएंगे।
  2. फ्यूचर फाइटर F5: 114 जेट्स की डील में से कम से कम 24 राफेल 'F5 स्टैण्डर्ड' के हो सकते हैं। F5 राफेल का वो भविष्य है जो 2030 के बाद प्रोडक्शन में आएगा।
  3. मेक इन इंडिया vs फ्रांस: रिपोर्ट का कहना है कि ये 24 एडवांस 'F5' राफेल भारत में नहीं, बल्कि सीधे फ्रांस में डसॉल्ट एविएशन (Dassault Aviation) द्वारा बनाए जा सकते हैं, ताकि इसकी अति-संवेदनशील तकनीक को गुप्त रखा जा सके।

राफेल F4: हवा में 'सुपर कंप्यूटर'​

अब सवाल आता है कि आखिर यह F4 स्टैण्डर्ड क्या है और यह हमारे मौजूदा राफेल से कितना अलग है? सरल भाषा में कहें तो F4 सिर्फ एक छोटा-मोटा अपडेट नहीं है, बल्कि यह विमान का पूरा 'ब्रेन ट्रांसप्लांट' है।

1. नेटवर्क सेंट्रिक वारफेयर (हवा में डाटा सेंटर): राफेल F4 की सबसे बड़ी खासियत है इसकी कनेक्टिविटी। इसमें Thales Contact सॉफ्टवेयर-डिफाइंड रेडियो लगा है।
  • आसान शब्दों में: आज के युद्ध में जो सबसे तेज जानकारी साझा करता है, वही जीतता है। F4 राफेल एक 'नोड' (Node) की तरह काम करता है। यह हवा में उड़ते हुए अपने साथ वाले अन्य राफेल, जमीन पर मौजूद सेना और समंदर में मौजूद नेवी के जहाजों से सुरक्षित तरीके से जुड़ सकता है। यह दुश्मन की जानकारी पलक झपकते ही पूरी फ्लीट को दे सकता है। मौजूदा F3R का 'Link-16' सिस्टम अच्छा है, लेकिन F4 का सिस्टम जैमिंग (Jamming) के खिलाफ अभेद्य है।
2. बाज की नज़र (RBE2 AESA रडार):F4 में लगे रडार में नए मोड्स जोड़े गए हैं। यह बादलों के पार और खराब मौसम में भी जमीन पर चल रहे टारगेट को ट्रैक कर सकता है और उसकी हाई-रेजोल्यूशन तस्वीर बना सकता है।

3. बिना रडार के शिकार (New FSO):इसमें नई पीढ़ी का 'फ्रंट सेक्टर ऑप्ट्रोनिक्स' (FSO) लगा है। यह सिस्टम दुश्मन के स्टील्थ (Stealth) विमानों को उनकी गर्मी (Heat signature) से पकड़ लेता है, वो भी अपना रडार ऑन किए बिना। यानी दुश्मन को पता भी नहीं चलेगा कि राफेल उसे देख रहा है।

4. स्कॉर्पियन हेलमेट (Scorpion HMD):पायलट के लिए कॉकपिट में 'स्कॉर्पियन हेलमेट माउंटेड डिस्प्ले' होगा। इसका फायदा यह है कि पायलट को निशाना लगाने के लिए विमान को घुमाने की जरूरत नहीं है; वह जिधर देखेगा, मिसाइल उधर ही लॉक हो जाएगी। यह डॉगफाइट (हवाई लड़ाई) में दुश्मन का खेल खत्म करने के लिए काफी है।

राफेल F5: भविष्य का योद्धा​

रिपोर्ट में जिस F5 स्टैण्डर्ड का जिक्र है, वह राफेल का सबसे खतरनाक रूप होगा। इसे "सुपर राफेल" भी कहा जा रहा है।
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): F5 पूरी तरह से AI और सेंसर फ्यूजन पर आधारित होगा। यह पायलट को इतना डाटा देगा कि फैसला लेने में उसे मिलीसेकंड्स का समय लगेगा।
  • लॉयल विंगमैन (Loyal Wingman): F5 को भविष्य के मानवरहित ड्रोन्स (Unmanned Drones) के साथ टीम बनाकर उड़ने के लिए डिजाइन किया जा रहा है। यानी एक राफेल के साथ कई ड्रोन उड़ेंगे जो पायलट के आदेश पर हमला करेंगे।
  • 6th जनरेशन की झलक: यह विमान 5वीं और 6ठी पीढ़ी के फाइटर जेट्स के बीच का पुल (Bridge) बनेगा।

निष्कर्ष: भारत की बढ़ती ताकत​

अगर यह रिपोर्ट सच साबित होती है, तो भारतीय वायु सेना 2040 के दशक तक एशिया की सबसे ताकतवर वायु सेनाओं में से एक बनी रहेगी। हमारे पास तीन पीढ़ियों का मिश्रण होगा—F3R (जो F4 में अपग्रेड होंगे), नए F4, और भविष्य के F5।

यह सिर्फ विमान खरीदने की बात नहीं है, यह भारत और फ्रांस के बीच एक गहरी रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) का सबूत है। चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों के सामने, राफेल का यह अपग्रेडेड बेड़ा भारत की सुरक्षा को 'लोहे का कवच' प्रदान करेगा।

देखना दिलचस्प होगा कि भारत सरकार और डसॉल्ट एविएशन इस पर आधिकारिक मुहर कब लगाते हैं!
 

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