नई दिल्ली, 10 मार्च। फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव से फोन पर बातचीत कर मिडिल ईस्ट के हालात पर अजरबैजान के प्रति समर्थन व्यक्त किया।
अलेक्जेंडर स्टब और इल्हाम अलीयेव ने फोन पर बातचीत के दौरान क्षेत्रीय हालात, द्विपक्षीय संबंधों और रूस-यूक्रेन युद्ध समेत कई मुद्दों पर चर्चा की।
फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेडर स्टब ने ईरान की ओर से नखचिवान स्वायत्त गणराज्य पर किए गए हमले के संबंध में अजरबैजान के प्रति अपने देश का समर्थन व्यक्त किया।
अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने फोन कॉल और दिखाए गए समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
फोन पर हुई बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने अपनी पिछली मुलाकातों और उन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के विकास को लेकर हुई चर्चाओं को याद किया।
अजरबैजान और फिनलैंड के राष्ट्राध्यक्षों ने सहयोग की संभावनाओं और अन्य आपसी हित के मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेडर स्टब ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, ''मैंने अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव से बात की। ईरान और मिडिल ईस्ट के हालात पर उनका हाल जाना। हमने यूक्रेन के खिलाफ रूस के हमले पर भी बात की। मैंने अजरबैजान के लिए अपना सपोर्ट जताया। हम संपर्क में रहेंगे।''
बता दें कि पांच मार्च को अजरबैजान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर हमले की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा, “एक ड्रोन ने नखचिवन स्वायत्त गणराज्य में हवाई अड्डे की टर्मिनल बिल्डिंग पर हमला किया, जबकि दूसरा ड्रोन शकराबाद गांव में एक स्कूल बिल्डिंग के पास गिरा।”
इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया गया था।
पिछले हफ्ते इस हमले के बाद अजरबैजान ने ईरान के साथ अपनी सीमा को बंद कर दिया था। नखिचेवन अजरबैजान का एक अलग क्षेत्र है, जो ईरान के रास्ते उसके सहयोगी रूस से जुड़ता है, और यह सबसे छोटा जमीनी रास्ता माना जाता है। हालांकि, अजरबैजान ने सोमवार को ईरान के साथ अपनी सीमा को फिर से माल ढुलाई (कार्गो) के लिए खोल दिया है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव से फोन पर बात की थी। अजरबैजान के राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, पेजेशकियान ने भरोसा दिलाया कि नखिचेवन की घटना में ईरान का कोई हाथ नहीं है और तेहरान इस मामले की जांच कर रहा है।