अरावली संरक्षण पर भूपेंद्र यादव का बड़ा बयान: सुप्रीम कोर्ट ने सराही 'ग्रीन अरावली' योजना, हम पूरी तरह प्रतिबद्ध

हम अरावली पर्वतमाला के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध: भूपेंद्र यादव


नई दिल्ली, 10 मार्च। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के जिस निर्णय की चर्चा की जा रही है, उस निर्णय के प्रारंभिक अनुच्छेदों में मंत्रालय की ग्रीन अरावली योजना की सराहना भी की गई है।

न्यायालय ने इस योजना को सकारात्मक रूप से उल्लेखित किया है। वह राज्यसभा में अपने मंत्रालय के कामकाज पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे। दरअसल, कांग्रेस सांसद ने यहां चर्चा के दौरान अरावली पर्वत श्रंखला व सर्वोच्च न्यायालय की बात कही थी। केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इनके समय में जब न्यायालय के निर्णय आते थे, तो अक्सर उनकी सरकार की कार्यक्षमता पर प्रश्नचिह्न खड़े होते थे, लेकिन इस निर्णय में न्यायालय ने हमारे ग्रीन अरावली प्रोजेक्ट के संबंध में सरकार के प्रयासों को स्वीकार किया है और साथ ही सतर्क रहने की सलाह भी दी है।

उन्होंने कहा, “मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम अरावली पर्वतमाला के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। यदि इस विषय में न्यायालय को हमारी सरकार से किसी भी प्रकार की सकारात्मक सहायता की आवश्यकता होगी, तो हम पूर्ण सहयोग देने के लिए तैयार हैं। हम अरावली के संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे।”

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने हाई पावर कमेटी (एचपीसी) बनाने की भी बात कही है। इस संबंध में भी हमारा दृष्टिकोण पूरी तरह सकारात्मक है। जब निर्णय आया था, तब भी हमने स्पष्ट कहा था कि हम इस निर्णय का पूर्ण पालन करेंगे।

उन्होंने कहा कि हमारा केवल एक उद्देश्य है, अरावली का संरक्षण। इसी उद्देश्य से सरकार पहले ही अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट शुरू कर चुकी है। अरावली क्षेत्र से जुड़े 29 जिलों में संरक्षण कार्य प्रारंभ किया जा रहा है और इस पूरे क्षेत्र को सुरक्षित बनाकर आगे कार्य किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि हाल ही में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के समक्ष निकोबार से जुड़े पर्यावरणीय विषय भी आए थे। हमने वहां के सभी पर्यावरणीय चिंताओं का पूरा ध्यान रखा है और न्यायालय के समक्ष विस्तृत उत्तर भी प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा, हमारा मानना है कि देश का पर्यावरण और प्रकृति हमारी अमूल्य धरोहर है। इसका संरक्षण करना हमारी जिम्मेदारी है। साथ ही विकास के मार्ग पर चलते हुए औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ पर्यावरणीय कानूनों और मानकों का पालन करना भी उतना ही आवश्यक है।

भूपेन्द्र यादव ने कहा, “मैं इस सदन के सामने कहना चाहता हूं कि हम प्रधानमंत्री जी की उस प्रतिबद्धता को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसके अंतर्गत भारत दुनिया में जलवायु परिवर्तन के समाधान का हिस्सा बनेगा, समस्या का नहीं। आज देश में पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई सुधार किए जा रहे हैं। एक पेड़ मां के नाम और मिशन लाइफ जैसे अभियानों के माध्यम से जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है।”

उन्होंने सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट करते हुए कहा कि हमारा मानना है कि पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखना ही सही मार्ग है। हमारे मंत्रालय का मूल मंत्र भी यही है, "प्रकृति रक्षति रक्षितः"', अर्थात यदि आप प्रकृति की रक्षा करते हैं, तो प्रकृति भी आपकी रक्षा करती है।
 

Similar threads

Latest Replies

Forum statistics

Threads
15,117
Messages
15,154
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top